तीस हजारी कोर्ट में कोर्ट रूम के अंदर जज के सामने हुई मारपीट के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त नाराजगी जताई है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ के समक्ष मेंशनिंग कर एक वकील ने जज के सामने मारपीट का आरोप लगाया है.
जज के सामने वकील पर हमला
वकील ने कोर्ट को बताया कि जब वह एक आरोपी की ओर से पेश हो रहे थे, तब दूसरे पक्ष के वकील कुछ लोगों के साथ जबरन अदालत कक्ष में घुस आए. उस समय जज कोर्ट में बैठे थे, लेकिन फिर भी वकील पर हमला किया गया. वकील ने पुलिस पर मदद नही करने का आरोप लगाया है.
इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि इस तरह का “गुंडाराज” बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. यह कानून के राज की सीधी नाकामी है.
दिल्ली हाई कोर्ट में देने की सलाह
सीजेआई सूर्यकांत ने वकील को सलाह देते हुए कहा कि वह पहले दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को लिखित शिकायत दें. साथ ही उस शिकायत की एक प्रति उन्हें भी भेजें. सीजेआई ने वकील को भरोसा दिलाया कि मामला प्रशासनिक स्तर पर देखा जाएगा और जरूरी कार्रवाई होगी. कोर्ट ने वकील से पूछा कि यह घटना कब की है. इसपर उसने कहा कि 7 फरवरी की यह घटना है. उस दौरान कोर्ट ने जज के अलावे कई न्यायिक अधिकारी और वकील कोर्ट में मौजूद थे.
बता दें की सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि अदालत परिसर में हिंसा होना बेहद गंभीर बात है. अगर कोर्ट के अंदर वकील सुरक्षित नही है तो यह पूरे न्याय तंत्र के लिए खतरे की घंटी है. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी कानून को अपने हाथ में लेने की हिम्मत न करें
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-भारत एक्सप्रेस
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