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UGC नियमों पर बढ़ा विवाद, सुप्रीम कोर्ट में कई याचिकाएं, 23 मार्च को होगी सुनवाई

UGC new rules 2026: UGC के नए नियमों को लेकर विवाद बढ़ा. सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ताओं ने नियमों को असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी है.

Supreme Court
Edited by Sahil Singh

UGC new rules 2026: यूजीसी के नए नियमों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. इन नियमों के खिलाफ दायर कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 23 मार्च को सुनवाई करेगा. इससे पहले केंद्र सरकार को कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करना होगा. फिलहाल कोर्ट ने इन नियमों के अमल पर रोक लगा रखी है.

क्या है UGC के नए नियम?

दरअसल, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 13 जनवरी 2026 को नए नियम लागू किए थे. इनका मुख्य उद्देश्य कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसरों में जातिगत भेदभाव को खत्म करना और वंचित वर्ग के छात्रों को सुरक्षित माहौल देना है. लेकिन इन नियमों को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. छात्र संगठनों और कई अन्य पक्षों ने इसका विरोध किया है, जिससे यह मुद्दा काफी चर्चा में आ गया है.

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि UGC के नियम 3 (C) में जाति आधारित भेदभाव की परिभाषा सीमित कर दी गई है. उनके अनुसार इसमें केवल अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को शामिल किया गया है. ऐसे में अगर सामान्य वर्ग का कोई व्यक्ति जातिगत भेदभाव का सामना करता है, तो वह औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं करा पाएगा. याचिकाकर्ताओं का मानना है कि यह संविधान के समानता और मौलिक अधिकारों के खिलाफ है. इसलिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट से इन नियमों को असंवैधानिक घोषित करने की मांग की है.

UGC का पक्ष क्या है?

वहीं यूजीसी का पक्ष अलग है. आयोग का कहना है कि अगर संस्थान इन नियमों का पालन नहीं करते हैं, तो उनकी मान्यता रद्द की जा सकती है या फंडिंग रोकी जा सकती है. यूजीसी ने यह भी बताया कि 2020 से 2025 के बीच जातिगत भेदभाव से जुड़ी शिकायतों में 100 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. आयोग के अनुसार, कुछ चर्चित मामलों के बाद ऐसी सख्त निगरानी व्यवस्था जरूरी हो गई थी.


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अब इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही सामने आएगा. फिलहाल सभी की नजरें 23 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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