Cosmetic Products Action- bharat express
Cosmetic Products Action: चेहरे से मुंहासे, दाग-धब्बे हटाने और त्वचा को निखारने का दावा करने वाले सात कॉस्मेटिक उत्पादों पर केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कार्रवाई की है. नियामक ने इन उत्पादों में सैलिसिलिक एसिड की मात्रा निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाने के बाद उनका आयात रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया. जांच में इन कॉस्मेटिक्स में सैलिसिलिक एसिड की मात्रा 7 प्रतिशत से लेकर 30 प्रतिशत तक पाई गई. इन उत्पादों का भारत में आयात Spectra Medical India Pvt. Ltd. कर रही थी. CDSCO के रिकॉर्ड के मुताबिक, कंपनी को इस मामले में 7 अप्रैल 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.
7 से 30 प्रतिशत तक मिला सैलिसिलिक एसिड
CDSCO के रिकॉर्ड के अनुसार, जिन सात कॉस्मेटिक उत्पादों पर कार्रवाई की गई, उनमें सैलिसिलिक एसिड की मात्रा अलग-अलग थी. सूची में शामिल उत्पादों में सबसे अधिक मात्रा Mesoestetic-Salicylic Variant 30% में पाई गई.
उत्पादों और उनमें दर्ज सैलिसिलिक एसिड की मात्रा इस प्रकार है:
Mesoestetic-Mesopeel Periocula — 7 प्रतिशत
Mesoestetic-Salicylic Variant 10% — 10 प्रतिशत
Mesoestetic-Salicylic Variant 20% — 20 प्रतिशत
Mesoestetic-Salicylic Variant 30% — 30 प्रतिशत
Dermamelan Intimate Gel — 15 प्रतिशत
Dermamelan Mask — 15 प्रतिशत
Mesopeel Modified Jessner — 14 प्रतिशत
यानी सूची में शामिल सभी उत्पादों में सैलिसिलिक एसिड की मात्रा 2 प्रतिशत की सामान्य कॉस्मेटिक सीमा से अधिक दर्ज की गई.
क्या होता है सैलिसिलिक एसिड?
सैलिसिलिक एसिड एक ऐसा एक्टिव इंग्रीडिएंट है, जिसका इस्तेमाल कई स्किनकेयर उत्पादों में किया जाता है. यह त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने और रोमछिद्रों को साफ करने में मदद करता है. इसी वजह से मुंहासे और ऑयली स्किन से जुड़े कई उत्पादों में इसका इस्तेमाल किया जाता है. हालांकि, किसी कॉस्मेटिक में किसी एक्टिव इंग्रीडिएंट की मात्रा बढ़ने के साथ उसके इस्तेमाल से जुड़े जोखिम और नियामकीय आवश्यकताएं भी महत्वपूर्ण हो जाती हैं. CDSCO के मुताबिक सामान्य कॉस्मेटिक उत्पादों में सैलिसिलिक एसिड की अनुमत सीमा 2 प्रतिशत है.
Cosmetics Rules के उल्लंघन का आरोप
CDSCO ने इस मामले में Cosmetics Rules, 2020 के Rule 39 और संबंधित रजिस्ट्रेशन की शर्तों का हवाला दिया. नियामक के अनुसार, निर्धारित मानकों और रजिस्ट्रेशन की शर्तों का पालन करना जरूरी है. 7 अप्रैल 2025 को आयातक कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी कर मामले में जवाब मांगा गया. नोटिस में नियमों और संबंधित रजिस्ट्रेशन की शर्तों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया था.
कंपनी के जवाब के बाद रद्द हुआ रजिस्ट्रेशन
कारण बताओ नोटिस के जवाब में Spectra Medical India Pvt. Ltd. ने उन उत्पादों को सरेंडर करने की इच्छा जताई, जिनमें निर्धारित सीमा से अधिक सैलिसिलिक एसिड पाया गया था. इसके बाद CDSCO ने 20 मई 2025 को संबंधित सात कॉस्मेटिक उत्पादों का आयात रजिस्ट्रेशन रद्द करने का आदेश जारी किया. CDSCO के रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि रजिस्ट्रेशन की शर्तों के तहत ऐसे पंजीकृत कॉस्मेटिक्स, जो निर्धारित मानकों का पालन नहीं करते, उन्हें बिक्री से वापस लिया जाना था.
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उपभोक्ताओं के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह कार्रवाई?
यह कार्रवाई ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब मुंहासे, पिगमेंटेशन और दाग-धब्बों से छुटकारा पाने के लिए लोग तेजी से एक्टिव-इंग्रीडिएंट वाले स्किनकेयर और कॉस्मेटिक उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं. सैलिसिलिक एसिड उपयोगी स्किनकेयर इंग्रीडिएंट हो सकता है, लेकिन अधिक सांद्रता वाले उत्पादों का इस्तेमाल सामान्य कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की तरह करना उचित नहीं माना जा सकता. इसलिए उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे किसी भी हाई-कंसंट्रेशन स्किन ट्रीटमेंट या कॉस्मेटिक को इस्तेमाल करने से पहले उसकी लेबलिंग, नियामकीय स्थिति और विशेषज्ञ की सलाह पर ध्यान दें.
CDSCO की यह कार्रवाई यह भी बताती है कि कॉस्मेटिक उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले एक्टिव इंग्रीडिएंट की मात्रा और उत्पाद के दावों के साथ-साथ नियामकीय मानकों का पालन भी बेहद महत्वपूर्ण है.
भारत एक्सप्रेस
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