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Baba Ramdev

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को अगली तारीख में पेशी से छूट देते हुए यह साफ किया कि यह छूट सिर्फ अगली पेशी तक के लिए ही है.

योग गुरु बाबा रामदेव का बड़ा झटका लगा है. उत्तराखंड लाइसेंसिंग प्राधिकरण ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए पतंजलि के 14 उत्पादों के लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं.

भ्रामक विज्ञापनों को लेकर पिछले महीने उच्चतम न्यायालय द्वारा रामदेव और उनकी औषधि कंपनी पतंजलि आयुर्वेद को फटकार लगाए जाने के बाद आईएमए की यह पहली टिप्पणी है.उच्चतम न्यायालय में 30 अप्रैल को मामले की सुनवाई होने वाली है.

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में बीते मंगलवार को शीर्ष अदालत ने कंपनी को निर्देश देते हुए कहा था कि हम अखबारों में प्रकाशित माफीनामे का वास्तविक आकार देखना चाहते हैं. हम यह देखना चाहते हैं कि जब आप कोई विज्ञापन जारी करते हैं, तो इसका मतलब ये नहीं कि हमें इसे माइक्रोस्कोप से देखना होगा.

इस महीने की शुरुआत में भ्रामक विज्ञापन मामले में योगगुरु Baba Ramdev और Patanjali Ayurved के प्रबंध निदेशक Acharya Balkrishna ने व्यक्तिगत रूप से Supreme Court से माफी मांगी थी.

कोर्ट ने बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को जमकर फटकार लगाई. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर आप सोच रहे हैं कि आपको हमने माफ कर दिया तो हमने माफ नहीं किया है.

बाबा रामदेव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सुप्रीम कोर्ट में भ्रामक विज्ञापन मामले की चल रही सुनवाई के बीच अब पतंजलि के शहद उत्पाद सैंपल जांच में फेल हो गए हैं.

बाबा रामदेव और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) आचार्य बालकृष्ण ने अपने औषधीय उत्पादों के असर के बारे में बड़े-बड़े दावे करने वाले विज्ञापनों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में ‘बिना शर्त माफी’ मांगी है. हालांकि अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया है.

पतंजलि भ्रामक विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण ने कोर्ट से अपने आचरण के लिए माफी मांगी. हालांकि कोर्ट दोनों को कड़ी फटकार लगाई.

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्यों न पतंजलि और इसके एमडी के खिलाफ अवमानना केस चलाया जाए. केंद्र सरकार ने कोर्ट से कहा कि वह इस मामले में एक नया हलफनामा दाखिल करेगी.