क्या इतिहास और आधुनिक तकनीक के संगम से सुलझेगा आज का सवाल? जानिए नई किताब ‘विक्टर और वेताल 2.0’ के बारे में
हिंदी साहित्य में कुछ किताबें ऐसी होती हैं जो सिर्फ कहानी नहीं सुनातीं, बल्कि पाठक को सोचने का एक नया नजरिया भी देती हैं. पत्रकार और लेखक अंशुमान तिवारी की नई पुस्तक ‘विक्टर और वेताल 2.0’ इसी तरह का एक अलग और दिलचस्प प्रयोग है.
‘जो है, ठीक है…’: जया किशोरी की नई किताब सिखाएगी जीवन की मुश्किलों को स्वीकार कर आगे बढ़ने का हुनर
मशहूर कथावाचक जया किशोरी की नई पुस्तक 'जो है, ठीक है...' पेंगुइन प्रकाशन द्वारा रिलीज की गई है. इस किताब में उन्होंने बेहद सरल कहानियों और व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए युवाओं को तनाव, असफलता और विपरीत परिस्थितियों को स्वीकार कर जीवन में सकारात्मकता के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया है.
‘खेल-खेल में बीता जीवन’: एक ‘अनचाहा बच्चा’, जो बन गया भारतीय संस्कृति का महानायक; जानें गिरिश कर्नाड की अनसुनी कहानी
दिग्गज साहित्यकार और अभिनेता गिरीश कर्नाड की आत्मकथा This Life at Play जीवन के अप्रत्याशित सच को उजागर करती है. आर्थिक तंगी के कारण उनके माता-पिता उनका गर्भपात कराना चाहते थे, लेकिन डॉक्टर न मिलने की एक छोटी सी घटना ने उनका जीवन बचा लिया.
चंदर-सुधा के अमर प्रेम के पीछे छिपा है एक और गहरा सच! ‘गुनाहों का देवता’ के बाद क्यों ज़रूर पढ़ी जानी चाहिए ‘रेत की मछली’?
मेरे द्वारा की गई साहित्यिक समीक्षा: 'गुनाहों का देवता' और 'रेत की मछली' उपन्यासों के झरोखे से मानवीय संबंधों, निश्चल प्रेम और स्त्री की मौन वेदना का एक मार्मिक विश्लेषण.
दिव्य दरबार से कैंसर अस्पताल तक, क्या है बागेश्वर बाबा की लोकप्रियता का राज? नई किताब में लेखक ने साझा किए अनसुने संस्मरण
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के साधारण गांव गढ़ा से निकलकर करोड़ों श्रद्धालुओं के हृदय में विराजमान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यह यात्रा, लेखक सचिन चौधरी के व्यक्तिगत अनुभवों से बुनी गई है.
जल बिना कैसा होगा कल? ‘बहे सो गंगा’ में पत्रकार मंजीत ठाकुर ने दी उत्तर भारत को बड़ी चेतावनी
Bahe So Ganga Book Review: मंजीत ठाकुर की पुस्तक ‘बहे सो गंगा’ उत्तर भारत में बढ़ते जल संकट और नदियों के क्षरण पर केंद्रित है. पुस्तक गंगा, यमुना समेत कई नदियों की बिगड़ती स्थिति, प्रदूषण और अतिक्रमण के खतरों को उजागर करती है.
‘प्रख्यात गल्पकार’: वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन के कथित पूर्वाग्रहों और आधा सच की तीखी पड़ताल
वरिष्ठ पत्रकार उत्पल कुमार की नई पुस्तक 'प्रख्यात गल्पकार' (Eminent Distorians) ब्रिटिश काल से लेकर आधुनिक भारत तक के वामपंथी-नेहरूवादी इतिहास-लेखन में किए गए कथित बदलावों और चयनात्मक तथ्यों की तीखी समीक्षा करती है
‘छायावाद का देश’: आज के पर्यावरण संकट और हिंसा के बीच क्यों जरूरी है शंभुनाथ की यह नई पुस्तक?
Vani Prakashan Books 2026: शंभुनाथ की नई किताब 'छायावाद का देश' (2026) आज के बढ़ते उपभोक्तावाद और पर्यावरण संकट के बीच महादेवी, निराला, प्रसाद और पंत के मानवीय विचारों की एक बेहद जरूरी और नई खोज है.
बिहार का लाल, जिसने धोया क्रांति का कलंक; जानें बैकुंठ शुक्ल के बलिदान की पूरी कहानी
भगत सिंह की शहादत का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी बैकुंठ शुक्ल की आज पुण्यतिथि है. 1934 में आज ही के दिन उन्हें गया जेल में फांसी दी गई थी. उन्होंने गद्दार फणींद्र नाथ घोष को मारकर क्रांतिकारी आंदोलन की गरिमा बचाई थी.
‘फॉरगॉटन कश्मीर’: इतिहास, सियासत और सिसकियां; एंबेसेडर श्रीवास्तव की पुस्तक ने खोली पाकिस्तान की पोल
पूर्व राजदूत डी.पी.के. श्रीवास्तव की पुस्तक 'फॉरगॉटन कश्मीर' पाकिस्तान नियंत्रित कश्मीर (PoK) के राजनीतिक और सामाजिक जीवन का एक आईना है. यह किताब कश्मीर के विभाजन के बाद वहां की मानवाधिकार स्थिति, पाकिस्तान के कड़े सैन्य नियंत्रण को उजागर करती है.







