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Book Review

विजय सिंह की पुस्तक "साठ पार के सुपरस्टार" रिटायरमेंट के बाद सक्रिय और सकारात्मक जीवन जीने का मंत्र देती है. अखबार बेचने से लेकर नेशनल सेल्स हेड तक का सफर तय करने वाले लेखक ने अपनी इस किताब में बताया है कि कैसे 60 के बाद की 'बोनस उम्र' को एक सुपरस्टार की तरह जिया जा सकता है.

‘देवव्रत- कालजयी योद्धा की वीरगाथा’ केवल महाभारत के एक महान पात्र की कथा नहीं, बल्कि त्याग, वचनबद्धता और चरित्र की ऐसी गूढ़ व्याख्या है, जो पाठक के अंतःकरण को छू जाती है. प्रभात सिन्हा द्वारा रचित यह कृति भीष्म पितामह को दैवी नहीं, बल्कि संवेदनशील मनुष्य के रूप में प्रस्तुत करती है.

यह उपन्यास उन संकरी गलियों और 75 पैसे वाली चाय की खुशबू की वापसी है, जहाँ भविष्य गढ़ा जाता था. 'इलाहाबाद पैसेंजर' महज़ एक कहानी नहीं, बल्कि 1990 के दशक के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उस दौर की जीवंत धड़कन है.

सिद्धार्थ मुखर्जी, पुलित्जर पुरस्कार विजेता लेखक और ऑन्कोलॉजिस्ट, अपनी किताबों से विज्ञान को आम पाठकों के लिए इतना रोचक बना देते हैं कि वह महज तथ्यों का संग्रह न रहकर एक भावनात्मक यात्रा लगने लगती है.

हिंद पॉकेट बुक्स से प्रकाशित यह 242 पृष्ठों की पुस्तक, रामानुजन के जीवन को एक रोचक उपन्यास की तरह बुनती है, जिसमें गणित के सूत्रों की जादुई चमक के साथ-साथ सामाजिक बंधनों और व्यक्तिगत संघर्षों की कड़वाहट भी घुली हुई है.

संगीता अग्रवाल की नवीनतम पुस्तक दूरदर्शन: आधी आबादी की सशक्त गाथा (वाणी प्रकाशन, 2025) न केवल भारत के लोक प्रसारक माध्यमों के इतिहास को उजागर करती है, बल्कि उन अदृश्य नायिकाओं की अनकही कहानियों को भी सामने लाती है.

मंजुल पब्लिशिंग हाउस द्वारा प्रकाशित पृथ्वी का संक्षिप्त इतिहास ( A Brief History of Earth ) लेखक एंड्र्यू एच. नॉल की एक उत्कृष्ट कृति है. यह पुस्तक पृथ्वी के 4.6 अरब वर्षों के भूगर्भीय इतिहास को आठ संक्षिप्त अध्यायों में समेटती है,

प्रो. बद्रीनारायण की पुस्तक हिंदुत्व को एक विचारधारा, आंदोलन और राजनीतिक रणनीति के रूप में प्रस्तुत करती है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर अपनी जगह बना रहा है. यह हिंदुत्व की जटिलताओं को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास है.

अनिमेष मुखर्जी की किताब ठाकुरबाड़ी गुरुदेव रबींद्रनाथ टैगोर के परिवार और 19वीं- 20वीं सदी के बंगाल के सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य को जीवंत करती है.

हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की गहन दुनिया में प्रवेश करना किसी यात्रा से कम नहीं है, जहां रागों की लहरें, तालों की धड़कन और गुरुओं की परंपराएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं.