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ENVIRONMENT FRIENDLY INITIATIVE: महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय (बरेली) के कुलपति प्रो. (डॉ.) अनिल कुमार राय ने पर्यावरण संरक्षण और ज्ञान संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं. अब अतिथियों को बुके की जगह पुस्तक या पौधा भेंट किया जाएगा और कार्यक्रमों में प्लास्टिक बोतलों की जगह कांच या तांबे के बर्तनों में जल परोसा जाएगा.

New Delhi World Book Fair: गृह मंत्री अमित शाह दिल्ली में लगे विश्व पुस्तक मेले में पहुंचे. उन्होंने किताबों को ज्ञान का सबसे अच्छा माध्यम बताया और पढ़ने की आदत को बढ़ावा देने पर जोर दिया. यह पुस्‍तक मेला 18 जनवरी तक लगेगा.

स्वामी सहजानंद की प्रो. रामचंद्र प्रधान द्वारा संपादित चुनिंदा रचनाएँ प्रभात प्रकाशन की पुस्‍तकों में पढ़ी जा सकती हैं. इन पुस्‍तकों को गांधी पीस फाउंडेशन के पूर्व सेक्रेटरी सुरेंद्र कुमार ने जदयू नेता के.सी. त्यागी को भेंट किया.

Bharat Literature Festival: अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने आज भारत लिटरेचर फेस्टिवल में अपने अनुभव साझा किए. इस अवसर पर उन्‍हें भारत एक्‍सप्रेस के चेयरमैन उपेन्द्र राय की पुस्‍तकें ‘हस्तक्षेप’ और ‘नजरिया’ भेंट की गईं. यहां वीडियो में उनका वक्‍तव्‍य सुनिए.

Shiv Kheda Book Launch: प्रसिद्ध लेखक शिव खेड़ा की नई पुस्तक 'Live While You're Alive' जीवन को पूरी तरह जीने और हर पल का महत्व समझने की प्रेरणा देती है, ताकि लोग अपनी पूरी क्षमता से जीवन का आनंद उठा सकें.

भारत एक्सप्रेस के CMD उपेंद्र राय ने पुणे लिट फेस्ट में पुस्तकों का महत्व समझाया. उन्होंने AI के समाज से जुड़ाव पर भी प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि मौजूदा परिवेश में किताबों और AI का महत्व बहुत अधिक है.

पुणे बुक फेस्टिवल में 700 से अधिक बुक स्टॉल्स पर पुस्तकों की सीरीज प्रस्तुत की गई. फेस्टिवल का चौथा दिन विशेष रूप से विविधता और सांस्कृतिक गतिविधियों से भरपूर रहा.

नेशनल बुक ट्रस्ट-इंडिया (NBT) ने गुजरात विश्वविद्यालय के सहयोग से गुजराती बाल साहित्य अनुवाद कार्यशाला का आयोजन किया. जिसमें गुजराती भाषा के लेखकों, साहित्यकार और अनुवादकों ने 60 से अधिक शीर्षकों का अंग्रेजी और हिंदी से गुजराती भाषा में अनुवाद करने पर जोर दिया.

आज पूरे देश में नेशनल बुक ट्रस्‍ट ऑफ इंडिया उत्तम और प्रमाणित पुस्तकें उपलब्ध करवाने वाली मानक एवं प्रगतिशील संस्था के रूप में जानी जाती है. एनबीटी ने पुस्तकों के जरिये बहुभाषावाद को बढ़ावा दिया है और एक साल में 10 करोड़ पाठकों तक 60 से अधिक भाषाओं में पुस्तकें पहुँचाई हैं.

भारत सरकार के नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया (NBT) की ओर से यह सचल पुस्तक प्रदर्शनी लोगों तक पुस्तकें पहुँचाने और विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में पढ़ने की रुचि पैदा करने का उत्तम प्रयास है.