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BR Gavai

BR Gavai Successor Justice Suryakant: भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस बीआर गवई ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में जस्टिस सूर्यकांत का नाम कानून मंत्रालय को भेजा है. उन्होंने इस संबंध में औपचारिक चिट्ठी लिखी है.

भारत के मुख्य न्यायाधीश बीआर गवई ने मॉरीशस में दिए गए भाषण में बुलडोजर कार्रवाई की आलोचना की. उन्होंने कहा कि भारत की न्याय व्यवस्था कानून के शासन से चलती है, न कि ताकत के प्रदर्शन से.

2nd National Mediation Conference: भुवनेश्वर में दूसरे नेशनल मीडिएशन कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ चीफ जस्टिस बी.आर. गवई ने किया. सम्मेलन में मीडिएशन एक्ट 2023 सरकारी मुकदमों में मध्यस्थता और संस्थागत सुधार जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है.

भारत के लॉ शिक्षा के अग्रदूत प्रोफ़ेसर एनआर माधव मेनन की स्मृति में और अगले 25 वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार करने के लिए प्रथम प्रोफ़ेसर एनआर माधव मेनन स्मृति व्याख्यान का उद्घाटन किया गया.

उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के अनिवार्य पंजीकरण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई से इनकार कर दिया हैं. सीजेआई बी.आर. गवई की पीठ ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े तीन प्रमुख मुद्दों पर आदेश सुरक्षित रख लिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाई कोर्ट को निर्देश दिया है कि सिंगल पैरेंट महिला एडीजे को हजारीबाग में रहने की अनुमति दी जाए. महिला जज ने बेटे की पढ़ाई और चाइल्ड केयर लीव को लेकर अर्जी दायर की थी.

CJI BR Gavai Stetment: राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा विधेयक को मंजूरी देने की समय सीमा के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान  सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि सक्रियता, आतंकवाद नहीं बनना चाहिए. आइये जानें उन्होंने और क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा विधेयकों पर निर्णय लेने की समयसीमा तय करने से जुड़े मामले की सुनवाई 20 अगस्त को भी जारी रहेगी. सीजेआई बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति द्वारा न्यायालय से राय लेना असंवैधानिक नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस प्रशांत कुमार को आपराधिक मामलों की सुनवाई से रोकने का आदेश वापस ले लिया है. कोर्ट ने मामले को पुनः हाईकोर्ट भेजते हुए कहा कि यह प्रशासनिक आदेश नहीं था.

JSW केस की सुनवाई में ED ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अब तक 23,000 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की रकम वसूली जा चुकी है, जो पीड़ितों को वापस दी गई है. कोर्ट भूषण स्टील केस पर पुनर्विचार को भी तैयार है.