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Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
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Chhattisgarh

छत्तीसगढ़ के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नंदकुमार साय के एक ताजा बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है. उन्होंने आदिवासी परिवारों को 5 बच्चे पैदा करने की सलाह दी है और जनगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी की आशंका जताई है. जहां सीएम विष्णुदेव साय ने इसे निजी विचार बताया, वहीं कांग्रेस ने भाजपा से स्पष्टीकरण मांगा है.

Naxal surrender: बस्तर और दंतेवाड़ा में महिला नक्सलियों सहित कई माओवादी कैडरों के आत्मसमर्पण से नक्सलवाद के अंत के संकेत मिल रहे हैं.

बलरामपुर पुलिस ने तुर्रीपानी में 1.47 एकड़ में लगी अफीम की खेती को नष्ट किया. 2 करोड़ रुपये की अफीम जब्त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.

Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी कामयाबी मिली है. बीजापुर, नारायणपुर, बस्तर, कांकेर, सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों में कुल 108 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया. इन पर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था.

Sarugja protest: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में गोचर भूमि विवाद को लेकर पंडो जनजाति और बीजेपी एसटी मोर्चा ने नवापारा चौक पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव का पुतला जलाया.

कोरिया के कटघोड़ी स्थित आदिवासी छात्रावास में भ्रष्टाचार का नग्न नाच देखने को मिल रहा है. 1.74 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी छात्र डर के साये में जीने को मजबूर हैं. न छत सुरक्षित है और न ही बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं.

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की महिलाएं अब अपने हुनर और मेहनत से आत्मनिर्भर बन रही हैं. प्रधानमंत्री मोदी की लखपति दीदी योजना के तहत ये महिलाएं अब अपने उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही हैं.

Chhattisgarh Economic Survey 2026: छत्तीसगढ़ इकोनॉमिक सर्वे 2026 में राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा किया गया है. GSDP 6.31 लाख करोड़ और दो अंकों की वृद्धि दर का अनुमान जताया गया, जबकि विपक्ष ने आंकड़ों पर सवाल उठाए.

छत्तीसगढ़ में शवों को कब्र से निकालकर अज्ञात स्थानों पर दफनाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. अदालत ने साफ तौर पर आदेश दिया है कि दफन किए जा चुके शवों को कब्र से निकालने की अनुमति नहीं दी जा सकती.

बस्तर पंडुम 2026 उत्सव के बहाने पीएम मोदी ने बस्तर में आए सकारात्मक बदलाव की सराहना की है. जहां कभी हिंसा का बोलबाला था, आज वहां 55 हजार कलाकार अपनी संस्कृति का जश्न मना रहे हैं. जानिए कैसे यह उत्सव बस्तर की नई पहचान गढ़ रहा है.