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तेज रफ्तार जिंदगी में फिट और हेल्दी रहना मुश्किल होता जा रहा है, लेकिन वेलनेस की दुनिया में बायोहैकिंग, कोलेजन सप्लिमेंट्स और क्रायोथेरेपी जैसे नए तरीके लोगों का ध्यान खींच रहे हैं. दिल्ली में आयोजित एक सत्र में सुनील शेट्टी, मीरा कपूर और डा. नवीन डैंग ने हेल्दी लाइफस्टाइल के लिए सरल डाइट, योग, अच्छी नींद और नियमित हेल्थ चेकअप की अहमियत पर जोर दिया.

Yoga For Sleep: योग के नियमित अभ्यास अनिद्रा को दूर करने में बहुत कारगर साबित होते हैं. ये आसन शरीर को शांत करते हैं, तनाव कम करते हैं और गहरी नींद लाने में मदद करते हैं.

वर्ल्ड किडनी डे पर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि भारत में 13.8 करोड़ लोग किडनी की बीमारी से पीड़ित हैं. पेनकिलर्स और खराब लाइफस्टाइल इसे 'साइलेंट किलर' बना रही है.

बाजार में मिल रहे चमकदार और केमिकल वाले भुट्टों से रहें सावधान. जानें कैसे पहचानें असली और सुरक्षित भुट्टे की पहचान.

क्या आपको भी अक्सर थकान, सुस्ती और चक्कर आने की शिकायत रहती है? यह शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया के लक्षण हो सकते हैं. नेशनल हेल्थ मिशन के 'एनीमिया मुक्त भारत' अभियान के बीच, जानिए कैसे पालक, गुड़, खजूर और चुकंदर जैसी घरेलू चीजों से आप अपना हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ा सकते हैं.

करेला सिर्फ खाने में कड़वा नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए वरदान है. यह रक्त को शुद्ध करता है, आंतों को डिटॉक्स करता है, त्वचा की समस्याओं को दूर करता है और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए दूध बढ़ाने में मददगार है.

सर्दियों में कुछ लोगों को ज्यादा ठंड लगती है, जबकि कुछ लोगों को बिल्कुल नहीं लगती है. इसके पीछे केवल मौसम नहीं, बल्कि शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी भी एक बड़ी वजह हो सकती है.

Kidney Health Warning Signs: किडनी की बीमारी को अक्सर ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण मामूली लगते हैं. पैरों में सूजन, रंग बदलना, सुन्नपन, खुजली और रात में ऐंठन जैसे संकेत किडनी की गड़बड़ी का इशारा हो सकते हैं. इन्हें नज़रअंदाज़ करना खतरनाक साबित हो सकता है.

Health Tips: डायबिटीज के मरीजों के लिए मिल्की मशरूम वरदान साबित हो सकता है. रिसर्च में पाया गया कि इसमें मौजूद पोषक तत्व ब्लड शुगर को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने और शरीर को मजबूत बनाने में मदद करते हैं.

Ulcer Remedies: आयुर्वेद के अनुसार जब शरीर की 'अग्नि,' यानी पाचनशक्ति, कमजोर हो जाती है और पित्त दोष बढ़ने लगता है, तब यह दोष पेट की नाज़ुक परत को प्रभावित करता है. धीरे-धीरे यह परत जलने लगती है और वहां घाव, यानी छाले, बनने लगते हैं. यही स्थिति पेट में अल्सर कहलाती है.