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Supreme Court

Ayodhya Ram Mandir Donation Theft: सुप्रीम कोर्ट के सामने रखी गई स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि एसआईटी ने किस तरह सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूतों का विश्लेषण करके आरोपियों की पहचान की. रिपोर्ट के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण से मंदिर में दान की चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं.

Supreme Court Arrest Rules: क्या पुलिस आपको बिना कुछ लिखे गिरफ्तार कर सकती है? सुप्रीम कोर्ट ने अब इस खेल के नियम ही बदल दिए हैं. जानिए कैसे एक लिखित पर्ची आपकी रिहाई की चाबी बन सकती है?

सुप्रीम कोर्ट ने कॉमेडियन प्रणित मोरे की याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र, महाराष्ट्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है. यह मामला '370 बिरयानी विवाद' और अलग-अलग राज्यों में दर्ज FIR से जुड़ा है.

TMC Name Symbol Row: ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के TMC के पुराने नाम और ‘फूल-घास’ चुनाव चिन्ह को फ्रीज करने के अंतरिम फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने याचिका को जल्द सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है.

Bengal Voter List Controversy: पश्चिम बंगाल SIR विवाद पर चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है. वोटर लिस्ट से कटे नामों को दोबारा जोड़ने की 37 लाख से ज्यादा अपीलें पेंडिंग हैं, जिन्हें निपटाने में मौजूदा रफ्तार से 12 साल से ज्यादा का समय लग सकता है.

दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी और रिलायंस कम्युनिकेशन (आरकॉम) से जुड़े बैंक फ्रॉड और वित्तीय मामलों को अलग-अलग हाई कोर्ट्स से दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 21 सितंबर को सुनवाई करेगा.

Supreme Court: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की परेशानी कम होने का नाम नही ले रहा है. राज्य से कुर्सी जाने के बाद लगातार उनकी परेशानी बढ़ रही है. अब ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिन्ह पर रोक लगाने के चुनाव आयोग के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.

Supreme Court EV Remarks: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी पर चिंता जताई है. पीठ ने कहा कि केवल ईवी खरीदने की सलाह देने से बदलाव नहीं आएगा, इसके लिए बुनियादी सुविधाएं और चार्जिंग पॉइंट उपलब्ध कराना अनिवार्य है.

JUSTICE B.R. GAVAI ADDRESS: 9वें एम.सी. चागला मेमोरियल लेक्चर को संबोधित करते हुए पूर्व न्यायमूर्ति बी.आर. गवई ने मानवाधिकारों को रेखांकित किया. उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मात्र राजनीतिक स्वतंत्रता काफी नहीं है; जब तक समाज के अंतिम व्यक्ति को भोजन, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार की गारंटी नहीं मिलती, तब तक मानवाधिकारों का दायरा अधूरा है.

सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका दाखिल करने के तरीके पर नाराजगी जताई है. जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा की बेंच ने कहा कि अखबार में पढ़कर तुरंत PIL दायर करना उचित नहीं है.