Dinesh Sharma ram mandir
Ram Mandir Case: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े कथित अनियमितताओं के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा चुका है और अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है. उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने से पहले इस मुद्दे पर राजनीति करना उचित नहीं है. न्यूज एजेंसी से बातचीत में दिनेश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री पहले ही इस मामले पर स्पष्ट रुख अपना चुके हैं. एसआईटी अपनी जांच कर रही है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू हो चुकी है. ऐसे में बिना तथ्यों के बयान देना उचित नहीं है.
राम मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र
दिनेश शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि मंदिर करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और इसके संचालन के लिए विधिसम्मत ट्रस्ट का गठन किया गया है. यदि किसी को किसी प्रकार की आपत्ति या शिकायत है तो उसे कानूनी प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखनी चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष के पास जनहित और विकास के मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह आस्था से जुड़े विषयों को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहा है.
विपक्ष के राम मंदिर पर रुख पर उठाए सवाल
राज्यसभा सांसद ने कहा कि विपक्ष का रवैया हमेशा से राम मंदिर के प्रति नकारात्मक रहा है. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि आज ‘सियाराम धाम’ बनाने की बात करने वाले नेताओं को पहले यह स्वीकार करना चाहिए कि बाबरी ढांचा गलत था. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए और राम मंदिर के विरोध में कानूनी लड़ाई भी गलत है.
सबूत हैं तो एसआईटी को सौंपें
दिनेश शर्मा ने कहा कि यदि किसी के पास कथित अनियमितताओं से जुड़े कोई प्रमाण हैं तो उन्हें सार्वजनिक बयानबाजी करने के बजाय एसआईटी के सामने प्रस्तुत करना चाहिए. उन्होंने दोहराया कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी.
महाराष्ट्र की राजनीति पर भी बोले
महाराष्ट्र की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए दिनेश शर्मा ने उद्धव ठाकरे और संजय राउत पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने बालासाहेब ठाकरे की विरासत को कमजोर किया और भाजपा के साथ विश्वासघात किया. उन्होंने दावा किया कि जनता ने इसका जवाब चुनाव में दे दिया है और अब वास्तविक शिवसेना का नेतृत्व एकनाथ शिंदे कर रहे हैं.
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चुनाव आते ही विपक्ष को याद आता है सनातन
दिनेश शर्मा ने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी दलों का सनातन प्रेम बढ़ जाता है. उनके अनुसार, जो नेता पहले सनातन पर सवाल उठाते थे, अब मंदिरों के दौरे कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएंगे, विपक्ष के कई नेता धार्मिक स्थलों पर नजर आएंगे, लेकिन जनता उनके राजनीतिक उद्देश्य को समझती है.
नारी शक्ति वंदन अधिनियम और विदेश नीति पर भी रखी राय
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का उल्लेख करते हुए दिनेश शर्मा ने कहा कि इस विधेयक का विरोध करने वाले दलों को चुनावों में हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी हार के डर का आरोप लगाया. विदेश नीति के मुद्दे पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री देशहित को सर्वोपरि रखते हैं. उनके अनुसार, भारत की विदेश नीति आज मजबूत हुई है और प्रधानमंत्री न तो किसी के सामने झुकते हैं और न ही किसी को झुकाने की नीति में विश्वास रखते हैं.
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