Bharat Express DD Free Dish

‘नारी विरोधी’ है विपक्ष! महिला आरक्षण पर यूपी में छिड़ेगा ‘गृहयुद्ध’, बुलाया विशेष सत्र

महिला आरक्षण विधेयक के लोकसभा में गिरने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने आज विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया है. सुबह 11 बजे शुरू होने वाले इस सत्र में महिला सशक्तिकरण और विपक्ष के रुख पर चर्चा होगी. बीजेपी ने विपक्ष को महिला विरोधी बताया है, जबकि विपक्ष इसे चुनावी स्टंट करार दे रहा है.

UP Assembly Special Session today High-stakes debate on Women's Reservation Bill

UP Assembly Special Session: उत्तर प्रदेश की राजनीति में आज का दिन बेहद सरगर्म रहने वाला है. गुरुवार सुबह 11 बजे जब विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी, तो सबकी नजरें सिर्फ एक मुद्दे पर टिकी होंगी- ‘महिला आरक्षण विधेयक’. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने विशेष रूप से साल 2026 के इस दूसरे सत्र को बुलाया है, ताकि देश की आधी आबादी के हक को लेकर छिड़ी इस सियासी जंग पर चर्चा की जा सके.

विशेष सत्र बुलाने की क्या है वजह?

हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (नारी शक्ति वंदन संशोधन) के गिर जाने के बाद से देशभर में उबाल है. ये विधेयक संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया था, लेकिन दो-तिहाई बहुमत न मिल पाने के कारण ये पारित नहीं हो सका. अब उत्तर प्रदेश सरकार इस विशेष सत्र के जरिए दो बड़े काम करना चाहती है. पहला ये बताना कि राज्य सरकार महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर कितनी अडिग है, और दूसरा ये कि विपक्षी दलों को ‘महिला विरोधी’ साबित करने की रणनीति पर मुहर लगाना.

आंकड़ों और आरोपों का खेल

लोकसभा में जब वोटिंग हुई, तो पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. भले ही बहुमत सरकार के पास था, लेकिन संविधान संशोधन के लिए जरूरी दो-तिहाई आंकड़ा हाथ नहीं लगा. यहां से बीजेपी और विपक्ष के बीच जुबानी तीर चलने शुरू हो गए.

बीजेपी का सीधा आरोप है कि कांग्रेस, सपा और उनके सहयोगियों ने जानबूझकर इस राह में रोड़े अटकाए ताकि महिलाओं को उनका हक न मिल सके. वहीं, अखिलेश यादव की सपा और कांग्रेस का कहना है कि सरकार सिर्फ चुनाव को ध्यान में रखकर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रही है. विपक्ष का तर्क है कि इस विधेयक का मौजूदा स्वरूप अधूरा है और इसमें कई खामियां हैं.

यूपी की सियासत पर असर

उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में, जहां महिला वोटर्स किसी भी चुनाव का रुख मोड़ने की ताकत रखती हैं, वहां ये मुद्दा काफी संवेदनशील है. बीजेपी इस सत्र के जरिए गांव-गांव ये संदेश पहुंचाना चाहती है कि वह महिलाओं को लखनऊ और दिल्ली की दहलीज तक पहुंचाना चाहती थी, जिसे विपक्ष ने रोक दिया.

आज क्या होगा खास?

सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले इस सत्र में तीखी बहस होने के पूरे आसार हैं. अधिकारी इस बात की पुष्टि कर चुके हैं कि सत्र की तैयारी पूरी है. विधायक इस बात पर विस्तार से चर्चा करेंगे कि अगर ये विधेयक पास हो जाता, तो प्रदेश की तस्वीर कैसी होती और अब इसके अटक जाने से क्या राजनीतिक और सामाजिक नुकसान होगा.

ये भी पढ़ें: यूपी की रफ्तार को मिले पंख! पीएम मोदी ने देश को सौंपा अदाणी ग्रुप द्वारा निर्मित गंगा एक्सप्रेसवे

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read