कोलकाता के छोटे कमरे से हर भारतीय रसोई तक: जानिए कैसे बनी देश की सबसे पुरानी बिस्किट कंपनी ‘ब्रिटानिया’
महज 295 रुपये से शुरू होकर 1.21 लाख करोड़ की कंपनी बनने वाली ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज का 134 साल पुराना इतिहास. जानिए कैसे विदेशी हाथों से निकलकर यह बनी देश की सबसे बड़ी खाद्य कंपनी.
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी गई, अब राधाष्टमी मनाने को आतुर करोड़ों सनातनी, क्या आपने किए इनके प्राकट्य स्थल के दर्शन?
राधा अष्टमी 2026: इस बार श्रीराधा का 5254वां प्राकट्योत्सव मनेगा. BharatExpress.Com पर आज ही जान लीजिए श्रीराधा के प्राकट्य का रहस्य. 5254 बरस पहले यमुना किनारे रावल में कमल पुष्प पर प्रकट हुई थीं लाडली जी, पहली बार अपने नेत्र श्रीकृष्ण के आने पर खोले.
झूम खेती से लेकर शिक्षा के गढ़ तक, जानिए कैसे लाल थानहॉला ने बदल दी मिज़ोरम की तस्वीर
लाल थानहॉला की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति के राजनीतिक सफर की नहीं है, बल्कि यह मिज़ोरम के उस मुश्किल दौर और उसके पुनर्निर्माण की दास्तान है, जब राज्य ने अलगाव और हिंसा के अंधेरे से निकलकर लोकतंत्र और शांति की रोशनी को अपनाया.
जब टीवी मतलब सिर्फ ‘दूरदर्शन’ हुआ करता था, जानिए कैसे आधी आबादी ने सींचा देश का पहला चैनल
जब हम दूरदर्शन के इतिहास को याद करते हैं, तो हमारे जेहन में कुछ जाने-पहचाने चेहरे और पुरानी सिग्नेचर ट्यून घूम जाती है. लेकिन उस कैमरे के पीछे, उस कंट्रोल रूम की धुंधली रोशनी में और उन भारी-भरकम मशीनों के बीच काम करने वाली महिलाओं का पसीना इस इतिहास का सबसे मजबूत स्तंभ है.
पीएम मोदी, पुतिन और जिनपिंग एक मंच पर… जानिए क्यों खास रही भारत की यह डिप्लोमैटिक चाल?
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (12-13 सितंबर 2026) ने वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है.
बनारस से भारत मंडपम तक, जानिए क्यों ‘ग्लोबल साउथ’ की सबसे बड़ी आवाज बन रहा है भारत का ‘ब्रिक्स मॉडल’?
जब भी हम अंतरराष्ट्रीय मंचों और ब्रिक्स (BRICS) जैसे बड़े संगठनों की बात करते हैं, तो अक्सर हमारे दिमाग में बड़ी-बड़ी बैठकें और समझौतों के कागजात आते हैं. लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लीडरशिप में भारत की ब्रिक्स कूटनीति सिर्फ प्रोटोकॉल तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें एक गहरी सिविलिज़ेशनल सोच दिखती है.
फाइलों पर धूल जमने के दिन लदे! ब्रिक्स में भारत का डिजिटल अकाउंटेबिलिटी फॉर्मूला बदलेगा कूटनीति की चाल
अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जब भी बड़े-बड़े वादे होते हैं, तो अक्सर ऐसा देखा गया है कि सम्मेलन खत्म होने के बाद कैमरे बंद हो जाते हैं, नेता अपने-अपने घर लौट जाते हैं और उन वादों की फाइलों पर धूल जमने लगती है. लेकिन भारत ने अब इसको बदलने की पूरी तैयारी कर ली है.
15 September 1959 : भारत में टेलीविजन की शुरुआत और पहला स्वदेशी टीवी सेट
भारत में टेलीविजन प्रसारण की शुरुआत 15 सितंबर 1959 को नई दिल्ली से हुई थी. शुरुआती दौर में टीवी का मकसद मनोरंजन से ज्यादा शिक्षा और विकास था.
योग, विमान और राजनीति के बादशाह; जानिए कौन थे इंदिरा गांधी के खास योग गुरु धीरेन्द्र ब्रह्मचारी?
स्वामी धीरेन्द्र ब्रह्मचारी सिर्फ एक योग गुरु नहीं थे, बल्कि उनकी पहुंच देश के सत्ता के गलियारों तक थी. इंदिरा गांधी और संजय गांधी के करीबी माने जाने वाले ब्रह्मचारी का जीवन योग, राजनीति, प्रभावशाली संपर्क, आलीशान जीवनशैली और विवादों से भरा रहा.
कोलकाता से लेकर केरल तक, हिंदी के जरिए क्षेत्रीय साहित्य और संस्कृति को समझने की अनूठी पहल
भारत जैसे बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक राष्ट्र में एकता की सबसे मजबूत कड़ी भाषा और संस्कृति का सकारात्मक संवाद है. आज जब कुछ राष्ट्र-विरोधी तत्त्व राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी विरोध को दक्षिण भारत में फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, तब क्षेत्रीय भाषाओं को बढ़ावा देते हुए हिंदी को सेतु भाषा के रूप में मजबूत करने की आवश्यकता और बढ़ गई है.







