दुनिया

Japan Earthquake Tsunami 2024: नए साल के पहले दिन ही 7.5 तीव्रता के भूकंप से थर्राया जापान, घर-मकान तबाह, सुनामी का अलर्ट

Earthquake Tremors In Japan: नए साल की पहली सुबह ही एशियाई देश जापान प्राकृतिक आपदा का शिकार हो गया. यहां रविवार (1 जनवरी) को भूकंप के तेज झटके लगे. पहला भूकंप भारतीय समय के मुताबिक दोपहर 12:40 बजे आया, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.4 मापी गई. कुल 4 से अधिक तीव्रता के 21 झटके महसूस किए गए.

कुछ ही देर बाद जापान में भूकंप और सुनामी से हुए नुकसान की तस्वीरें दुनियाभर की मीडिया में दिखाई देने लगीं. भूकंप के कारण सैकड़ों घर-मकान तबाह हो गए. काफी लोग इधर—उधर फंस गए. समुद्र से उूंची लहरें उठने लगीं. उन लहरों के कारण कई शहरों में जलभराव की समस्या पैदा हो गई है.

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी के मुताबिक, तेज भूकंप इशिकावा प्रांत के अनामिजु शहर में आया, जिसका केंद्र धरती से 10 किलोमीटर नीचे था. सबसे पहले यहां आज 12:40 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए. जिसके 8 मिनट बाद ही 6.2 तीव्रता का पहला आफ्टर शॉक रिकॉर्ड किया गया. उसके बाद 5.2 तीव्रता का दूसरा आफ्टर शॉक रिकॉर्ड किया गया. बताया जाता है कि इसी तरह 4 तीव्रता वाले 21 आफ्टर शॉक रिकॉर्ड किए गए हैं.

जारी की गई सुनामी की चेतावनी

पश्चिमी जापान में आए भूकंप के बाद लोगों को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. इसके साथ ही शासन-प्रशासन की ओर से तैयारियों को तेज कर दिया गया है. राहत-बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं. बचाव दलों को भी अलर्ट कर दिया गया है.

इन इलाकों में सुनामी का अलर्ट जारी

उत्तर-मध्य जापान में 7.6 की प्रारंभिक तीव्रता वाला भूकंप आया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने इशिकावा, निगाटा और टोयामा प्रांतों के पश्चिमी तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी की है.

5 मीटर तक उठ सकती हैं समुद्र की लहरें

जापान के मौसम विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि सुनामी आने से समुद्र में लहरें 5 मीटर तक ऊंची उठ सकती हैं. इसलिए लोगों से अपील की गई है कि जल्द ही निचले इलाकों से ऊंचे स्थानों पर पहुंच जाएं.

यह भी पढ़ें- “हमारे बच्चे जश्न मना रहे, गाजा में बेरहमी से बच्चों की हत्या हो रही”, नए साल पर देशवासियों को बधाई देते हुए बोलीं प्रियंका गांधी

इसलिए आता है भूकंप

आखिर भूकंप क्यों आते हैं? इसको समझने के लिए सबसे पहले पृथ्वी की संरचना को जानना जरूरी है. हमारी पृथ्वी टैक्टोनिक प्लेट्स पर स्थित है. इन प्लेटों के नीचे तरल पदार्थ लावा है. जिसपर टैक्टोनिक प्लेट्स तैरती रहती हैं. कई बार ऐसा होता है कि ये प्लेटें आपस में टकरा जाती हैं. बार-बार टकराने से इन प्लेट्स के कोने सिकुड़ जाते हैं या फिर टूटने लगते हैं. जिससे नीचे से निकली ऊर्जा बाहर निकलने के लिए रास्ते खोजती है. जिसमें डिस्टर्बेंस होता है और इसी के बाद भूकंप की स्थिति पैदा होती है.

-भारत एक्सप्रेस

Vijay Ram

'भारत एक्सप्रेस' में चीफ सब एडिटर। न्‍यूज वेबसाइट पर एवरग्रीन स्‍टोरीज, क्रिएटिव/स्‍पेशल प्रजेंटेशन, हाइलाइट्स के अगुआ। संस्‍था के शुरुआती दौर से दिन-रात हर मौके पर दम-दिमाग झोंककर स्वयं को तपाया। अब तक 8,000 से ज्‍यादा पोस्ट्स पब्लिश कर चुके, 1K+ बाइलाइन हुईं। 'भारत एक्सप्रेस' के CMD एवं एडिटर-इन-चीफ उपेन्द्र राय जी के प्रोग्राम्स (कॉन्क्लेव), और आर्टिकल्‍स को Bharatexpress.com पर प्रमुखता से कवर करते हैं। जर्नलिज्‍म में इनके 10+ वर्ष बीते। यहां से पहले एबीपी इंटरनेशनल, वनइंडिया हिंदी, राजस्‍थान पत्रिका और भास्कर ग्रुप में सेवा दे चुके। देश-विदेश, सैन्य-रणनीति, स्पेस साइंस, ऑफबीट, धर्म-अध्यात्म की खबरों में रुचि।

Recent Posts

QS एशिया रैंकिंग में CCSU की बड़ी छलांग, 694वें स्थान पर पहुंचा विश्वविद्यालय

QS एशिया रैंकिंग में CCSU ने बड़ी छलांग लगाई है.पिछले साल सीसीएसयू 801–850 के रैंक…

1 hour ago

योगी की छाया में अपना वजूद तलाशते नितिन नवीन

गोरखपुर में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और CM योगी की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा निकली. सपा…

2 hours ago

अमेरिका में हुए मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का दम, जानें कौन जीता और कौन हारा?

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के 57 उम्मीदवारों ने…

3 hours ago

दिल्ली SIR विवाद: सुप्रीम कोर्ट इस तारीख को करेगा सुनवाई, 33 लाख नोटिस और 47 लाख नाम काटने के आरोपों पर EC से तीखे सवाल

दिल्ली में वोटर लिस्ट SIR प्रक्रिया पर सुप्रीम कोर्ट 19 नवंबर को सुनवाई करेगा. 33…

4 hours ago

‘देश को पीएम मोदी पर भरोसा, राहुल को नकारा’, गोरखपुर में बीजेपी अध्यक्ष का कांग्रेस पर बड़ा हमला

गोरखपुर में बीजेपी की ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ पदयात्रा’ के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन…

4 hours ago