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BIMSTEC Meet: म्यांमार पहुंचे एनएसए अजीत डोभाल, सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर अपने समकक्ष से की चर्चा

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने म्यांमार के अपने समकक्ष एडमिरल मो आंग से सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की. उन्होंने म्यांमार में हिंसा और अस्थिरता के प्रभाव पर नई दिल्ली की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया.

BIMSTEC के सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक में भाग लेने के लिए एनएसए अजीत डोभाल म्यांमार की राजधानी नेप्यूडा की यात्रा पर हैं. (फोटो: X)

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल (Ajit Doval) ने शुक्रवार (26 जुलाई) को अपने म्यांमार (Myanmar) समकक्ष एडमिरल मो आंग (Admiral Moe Aung) से मुलाकात की. माना जा रहा है कि डोभाल ने म्यांमार में भारत के साथ सीमा पर हिंसा और अस्थिरता के प्रभाव पर नई दिल्ली की चिंताओं से उन्हें अवगत कराया.

यांगून स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, डोभाल, बे ऑफ बंगाल इनीशिएटिव फॉर मल्टी-सेक्टोरल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कॉरपोरेशन (BIMSTEC) के सदस्य देशों के सुरक्षा प्रमुखों की बैठक में भाग लेने के लिए म्यांमार की राजधानी नेप्यूडा (Naypyidaw) में हैं.

सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा

भारतीय दूतावास ने X पर एक पोस्ट में कहा, एनएसए अजीत डोभाल आज नेप्यूडा में आयोजित #BIMSTEC सुरक्षा प्रमुखों की चौथी वार्षिक बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने कल (बृहस्पतिवार) म्यांमार के NSA एडमिरल मो आंग से मुलाकात की और BIMSTEC सुरक्षा प्रमुखों ने प्रधानमंत्री सीनियर जनरल मिन आंग ह्लाइंग से मुलाकात की.’

डोभाल और आंग ने सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की. एनएसए डोभाल ने म्यांमार की सीमा पर म्यांमार में हिंसा और अस्थिरता के प्रभाव पर नई दिल्ली की चिंताओं से अपने म्यांमार के समकक्ष को अवगत कराया.

म्यांमार में हिंसक प्रदर्शन

1 फरवरी 2021 को सेना द्वारा तख्तापलट करके सत्ता पर कब्जा करने के बाद से म्यांमार में लोकतंत्र की बहाली की मांग को लेकर व्यापक हिंसक विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं. म्यांमार के कई हिस्सों में सैन्य जुंटा और प्रतिरोध बलों के बीच भीषण लड़ाई हो रही है. प्रतिरोध बलों ने पहले ही कई शहरों पर कब्जा कर लिया है.

म्यांमार उग्रवाद प्रभावित नगालैंड और मणिपुर सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों के साथ 1,640 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करता है. उस देश में प्रतिरोध बलों ने पहले ही भारत, चीन और बांग्लादेश के साथ सीमाओं पर कई प्रमुख व्यापारिक बिंदुओं पर कब्जा कर लिया है. पिछले साल अक्टूबर से रखाइन राज्य और कई अन्य क्षेत्रों में सशस्त्र जातीय समूहों और म्यांमार की सेना के बीच भीषण लड़ाई की खबरें हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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