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नामीबिया में बोले PM Modi- “हमारी दोस्ती राजनीति से नहीं…संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से बनी है”

नामीबिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “हमारी दोस्ती राजनीति से नहीं, बल्कि संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से बनी है. यह भारत और नामीबिया के बीच सर्वकालिक मित्रता का साक्षी है और आज इससे जुड़कर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है.”

नामीबिया दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ऑर्डर ऑफ द मोस्ट एनशिएंट वेल्वित्चिया मिराबिलिस से सम्मानित किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस सम्मान को नामीबिया के लोगों और दोनों देशों की अटूट मित्रता को समर्पित किया.

नामीबिया के राष्ट्रपति नेटुम्बो नंदी-नदैतवाह ने उन्हें यह पुरस्कार दिया. पीएम मोदी यह पुरस्कार पाने वाले पहले भारतीय नेता हैं.

इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारी दोस्ती राजनीति से नहीं, बल्कि संघर्ष, सहयोग और आपसी विश्वास से बनी है. यह भारत और नामीबिया के बीच सर्वकालिक मित्रता का साक्षी है और आज इससे जुड़कर मुझे बहुत गर्व महसूस हो रहा है. मैं यह सम्मान नामीबिया और भारत के लोगों, उनकी निरंतर प्रगति और विकास और हमारी अटूट मित्रता को समर्पित करता हूं.”

दोनों देशों के संबंध पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “एक सच्चे मित्र की पहचान मुश्किल समय में ही होती है. भारत और नामीबिया अपने स्वतंत्रता संग्राम के समय से ही एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं. लोकतांत्रिक मूल्यों और उज्ज्वल भविष्य के सपनों ने इसे पोषित किया है. भविष्य में भी, हम विकास के पथ पर एक-दूसरे का हाथ थामकर आगे बढ़ते रहेंगे.”सम्मान

सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों को समर्पित

सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार स्वीकार करते हुए पीएम मोदी ने यह सम्मान भारत के 140 करोड़ लोगों और भारत और नामीबिया के बीच ऐतिहासिक एवं स्थायी संबंधों को समर्पित किया. विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति नंदी-नदैतवा और नामीबिया के लोगों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया.

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पीएम मोदी को यह पुरस्कार प्रदान करना भारत और नामीबिया के द्विपक्षीय संबंधों में एक मील का पत्थर है, जो दोनों देशों की युवा पीढ़ियों के लिए इस विशेष द्विपक्षीय साझेदारी को और अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रेरणा का स्रोत है.

1990 में नामीबिया को स्वतंत्रता मिलने के तुरंत बाद, विशिष्ट सेवा और नेतृत्व को मान्यता देने के लिए नामीबिया ने 1995 में इस पुरस्कार की स्थापना की थी. नामीबिया के एक अनोखे और प्राचीन रेगिस्तानी पौधे वेल्वित्चिया मिराबिलिस के नाम पर रखा गया. यह पुरस्कार नामीबियाई लोगों के लचीलेपन, दीर्घायु और स्थायी भावना का प्रतीक है. वहीं पीएम मोदी को मिलने वाला यह 27वां पुरस्कार है. साथ ही 8 दिवसीय इस दौरे का चौथा पुरस्कार है.

सैम नुजोमा का जीवन नमीबिया को समर्पित रहा

सैम नुजोमा को एक दूरदर्शी नेता के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने अपना जीवन नामीबिया की स्वतंत्रता के संघर्ष में समर्पित कर दिया. स्वतंत्र नामीबिया के पहले राष्ट्रपति के रूप में, नुजोमा ने देश के राष्ट्र निर्माण में अहम योगदान दिया. उनकी विरासत दुनिया भर के लोगों को प्रेरित करती रहती है.

विदेश मंत्रालय के अनुसार, सैम नुजोमा भारत के एक महान मित्र थे. 1986 में नई दिल्ली में नामीबिया के पहले राजनयिक मिशन [उस समय SWAPO] की स्थापना के दौरान उनकी गरिमामयी उपस्थिति को भारत के लोग हमेशा याद रखेंगे.


ये भी पढ़ें: नामीबिया ने दिया PM मोदी को सर्वोच्च सम्मान, जानिए क्या है वेल्वित्शिया मिराबिलिस?


-भारत एक्सप्रेस



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