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Grammy Awards में इंडिया की धूम, फ्यूजन बैंड Shakti और बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने बढ़ाया देश का मान

‘शक्ति’ को उनके लेटेस्ट म्यूजिक एल्बम ‘दिस मोमेंट’ के लिए 66वें ग्रैमी अवार्ड्स में, ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम’ कैटगरी में विनर घोषित किया गया.

राकेश चौरसिया, शंकर महादेवन

राकेश चौरसिया, शंकर महादेवन

Grammy Awards 2024: ग्रैमी अवॉर्ड्स 2024 में भारत ने बड़ी कामयाबी हासिल की है. ये अवॉर्ड्स क्रिप्टो डॉट कॉम एरीना, लॉस एजेंलिस में आज यानी 5 फरवीर को हुए इस समारोह में भारत के फ्यूजन बैंड ‘शक्ति’ को उनके लेटेस्ट म्यूजिक एल्बम ‘दिस मोमेंट’ के लिए 66वें ग्रैमी अवार्ड्स में, ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम’ कैटगरी में विनर घोषित किया गया. बैंड ने 45 साल बाद अपना पहला एल्बम रिलीज किया था, जिसे सीधा ग्रैमी अवार्ड मिला है. इस बैंड में शंकर महादेवन, जाकिर हुसैन, गणेश राजगोपालन, वी सेल्वागणेश और जॉन मैकलॉलिन आदि शामिल हैं. वहीं भारत के बांसुरी वादक राकेश चौरसिया ने भी ग्रैमी में अपनी छाप छोड़ी है.

इस म्यूजिक एल्बम के लिए मिला अवॉर्ड्

‘दिस मोमेंट’ म्यूजिक एल्बम के लिए शक्ति बैंड को ‘बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक’ कैटेगरी में विजेता घोषित किया गया. दिलचस्प बात यह है कि इस बैंड ने करीब 45 वर्षों के बाद अपना पहला एल्बम जारी किया था और इसने 66वें ग्रैमी अवॉर्ड जीतकर दुनिया में अपना डंका बजा दिया है. इंग्लिश गिटारिस्ट जॉन मैकलॉलिन ने 1973 में भारतीय वायलिन प्लेयर एल. शंकर, तबला वादक जाकिर हुसैन और टी.एच. विक्कू विनायकरान के साथ फ्यूजन बैंड शेक्ति कि शुरुआत की थी, लेकिन 1977 के बाद ये बैंड बहुत एक्टिव नहीं रहा.

1997 में जॉन मैकलॉलिन ने फिर से इसी कॉन्सेप्ट पर ‘रिमेम्बर शक्ति’ नाम से बैंड बनाया और इसमें मैन्डलिन प्लेयर यूं. श्रीनिवास, वी. सेल्वागणेश और शंकर महादेवन को शामिल किया. 2020 में ये बैंड फिर से साथ आया और ‘शक्ति’ के तौर पर इन्होने 45 साल बाद अपना पहला एल्बम ‘दिस मोमेंट’  रिलीज किया.

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ग्रैमी में ये रहा सॉन्ग ऑफ द ईयर

भारत के मशहूर तबला वादक जाकिर हुसैन ग्रैमी अवॉर्ड का तीसरी बार हिस्सा बने हैं. इससे पहले उन्होंने एल्बम प्लेनेट ड्रम्स के लिए टी.एच.विक्कू विनायकराम के साथ ग्रैमी जीता था. इसके बाद 2008 में उन्हें ‘ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट’ के लिए ग्रैमी मिल चुका है. ‘शक्ति’ की जीत के साथ जाकिर ये तीसरी बार ग्रैमी अवॉर्ड जीते है. भारत ने 2022 में भी ग्रैमी अवॉर्ड्स जीते थे. तब पी.ए.दीपक, रिक्की केज और स्टीवर्ट कोपलैंड के डिवाइन टाइड्स को बेस्ट न्यू एज एल्बम कैटेगरी में विजेता घोषित किया गया था. 2022 में इंडियन अमेरिकन सिंगर फालू के एल्बम अ कलरफुल वर्ल्ड को बेस्ट चिल्ड्रेंस एल्बम कैटेगरी में अवॉर्ड दिया गया था.

भारत ने पहली बार 1968 में ग्रैमी अवार्ड जीता था. यह अवार्ड भारत के मशहूर सितार वादक व संगीतकार स्वर्गीय पंडित रवि शंकर को मिला था. पंडित रविशंकर के साथ वेस्टर्न क्लासिकल म्यूजिक के कंडक्टर जुबिन मेहता ने भी 5 बार ग्रैमी अवार्ड जीते हैं.

-भारत एक्सप्रेस 



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