सिंगापुर में आयोजित महोत्सव के आयोजक श्याम कानू महंत ने गायक जुबीन गर्ग की मौत की सीबीआई या एसआईटी से जांच की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. जिसपर कोर्ट 6 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है. यह याचिका एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड राज कमल के माध्यम स्व दायर की गई है. दायर याचिका में केंद्र सरकार, असम सरकार, राज्य के पुलिस महानिदेशक, सीबीआई और एनआईए को पक्षकार बनाया गया है.
कठोर कार्रवाई पर रोक की मांग
दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि असम के मुख्य सूचना आयुक्त भास्कर ज्योति महंत के भाई श्यामकानु महंत को गर्ग की अचानक हुई मौत के संबंध में मीडिया ने दुर्भावनापूर्ण तरीके से निशाना बनाया है, जिसके चलते जनता के नफरतों का सामना करना पड़ रहा है. याचिका में कहा गया है कि असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में महंत के खिलाफ कथित तौर पर 54 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई है. याचिका में कठोर कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई है.
हास्यास्पद है संलिप्तता के आरोप
याचिका में आगे कहा गया कि संलिप्तता के आरोप हास्यास्पद हैं, क्योंकि याचिकाकर्ता घटना स्थल पर मौजूद नहीं था और समारोहों की व्यवस्थाओं में व्यस्त था. याचिकाकर्ता का कहना है कि घटना वाले दिन मृतक से भी नहीं मिल पाया है. 52 वर्षीय कलाकार सिंगापुर में एक यॉट पर यात्रा के दौरान एक द्वीप के पास तैरते समय डूब गए थे. घटना स्थल पर मौजूद नहीं थे, महंत द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि वह 19 से 21 सितंबर तक सिंगापुर में होने वाले तीन दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के आयोजन में व्यस्त थे और गर्ग की मौत के समय घटना स्थल पर मौजूद नही थे. उनका कहना है कि मृतक से घटना के दो दिन पहले मुलाकात हुई थी.
मैनेजर पर जहर देने का आरोप
राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी जुबीन गर्ग की मौत की जांच कर रही हैं. इस सिलसिले में नार्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल की आयोजन टीम के तीन सदस्यों से पूछताछ की है. दूसरी ओर दिवंगत कलाकार के बैंड में काम करने वाले शेखर ज्योति गोस्वामी ने जुबीन गर्ग के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा और फेस्टिवल आयोजन श्यामकानु महंत पर उन्हें जहर देने का आरोप लगाया है. ज्योति ने पुलिस के समक्ष दिए अपने बयान में कहा है कि मुझे लगता है कि जुबीन गर्ग को उनके मैनेजर और फेस्टिवल आयोजक ने जहर दिया था और उनकी मौत आकस्मिक बताकर छिपाने की कोशिश की गई.
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-भारत एक्सप्रेस
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