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ताहिर हुसैन की बढ़ेंगी मुश्किलें! दंगा भड़काने के मामले में कोर्ट ने सुनाई 2 साल की कैद और जुर्माना

दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2 साल की सजा सुनाई है और 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.

Karkardooma Court Sentences Tahir Hussain 2 Years In Delhi Riots Case
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर थाना क्षेत्र के एक मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को 2 साल की कैद और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. कोर्ट ने गत 10 अक्टूबर को उन्हें दंगा भड़काने का दोषी करार दिया था, जबकि इसी मामले में सह-आरोपियों के तौर पर नामजद 9 अन्य लोगों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था.

मामले का विवरण और कानूनी धाराएं

अदालत ने ताहिर हुसैन को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 147 (दंगा करने) और धारा 109 सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत दोषी माना. जिन 9 सह-आरोपियों को कोर्ट ने बरी किया था, उनमें मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, मोहम्मद रिहान, अरशद कय्यूम, दीपक सिंह सैनी, नवनीत, मेहक सिंह और इरशाद अहमद शामिल हैं.

इंटेलिजेंस ऑफिसर अंकित शर्मा हत्याकांड का संदर्भ

इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने इंटेलिजेंस ब्यूरो अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या के मामले में ताहिर हुसैन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ हुसैन के वकीलों ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर कर रखी है.

दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया था कि अंकित शर्मा को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया था. उनके शरीर पर 51 जख्म पाए गए थे, जिनमें से 7 घाव ऐसे थे जो सीधे तौर पर मौत का कारण बन सकते थे, और 16 जख्म धारदार हथियारों से किए गए थे.

कोई ठोस सबूत नहीं

सुनवाई के दौरान ताहिर हुसैन के वकीलों ने फांसी की सजा की मांग का कड़ा विरोध किया था. बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि हर मामले में मृत्युदंड का प्रावधान नहीं है और इस केस में कुल 91 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद 11 में से केवल 5 लोगों को दोषी ठहराया गया. वकीलों ने यह भी तर्क दिया कि ट्रायल के दौरान आपराधिक षड्यंत्र (IPC की धारा 120B) से जुड़ा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया और हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने में पुलिस भी विफल रही थी, इसलिए किसी एक व्यक्ति को पूरी घटना की जिम्मेदारी नहीं ठहराया जा सकता.

अदालत ने अंकित शर्मा हत्याकांड मामले में ताहिर हुसैन के अलावा नाजिम, काशिम, अनस और जावेद को IPC की धारा 302, 188, 153A, 147, 148, 149 और 365 के तहत दोषी करार दिया था, जबकि धारा 120B (आपराधिक षड्यंत्र) और 129 के आरोपों से उन्हें बरी कर दिया था.

यह भी पढ़ें: PFI प्रमुख अबुबकर को मैक्स अस्पताल में इलाज की अनुमति, सुप्रीम कोर्ट के निर्देश

-भारत एक्सप्रेस



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