विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
Ritwik Ghatak Birth Centenary: विभाजन की पीड़ा से उभरा एक सिनेमाई कवि, जिसने सामाजिक यथार्थ को कवितामय रूप दिया
Birth Centenary of Ritwik Ghatak: आज महान फिल्म निर्माता ऋत्विक घटक की जन्मशती है. विभाजन की पीड़ा को अपनी फिल्मों में उतारने वाले घटक का योगदान IFFM 2025 सहित दुनिया भर में याद किया जा रहा है.
शिवमूर्ति की कोई भी रचना ऐसी नहीं होती जिसमें लोकरंग न आए : रविकांत
लेखक विचारक नहीं हो सकता. अगर वह विचारक हो गया तो दूसरों की न सुनेगा, न कहेगा, वह अपनी ही कहेगा. लेखक जैसा होता है, उसका कुछ अक्स उसके पात्रों में दिख ही जाता है.
UP News: नाबालिग पत्नी की कस्टडी पति को देने से इंकार, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बाल सुरक्षा गृह भेजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने नाबालिग पत्नी को उसके पति की अभिरक्षा में सौंपने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि याची की पत्नी को बालिग होने तक बाल सुरक्षा गृह में रखा जाए.
रामदयालु सिंह : जिन्होंने अपनी दावेदारी पीछे कर, अपने मित्र को बिहार का पहला मुख्यमंत्री बनवा दिया
Ramdayalu Singh Bihar Politics: एक त्यागी नेता की कहानी: यह कहानी है एक किसान परिवार से निकलकर विधानसभा के पहले अध्यक्ष बनने, फिर वैराग्य अपनाने तक की.
पीयूष पांडेय: विज्ञापन की आवाज जो हमेशा गूंजती रहेगी
Indian Advertising Legend Piyush Pandey: विज्ञापन के शेक्सपियर, जिनका 70 की उम्र में निधन हो गया. फेविकोल, कैडबरी, 'अबकी बार मोदी सरकार' जैसे Ads से भारतीय क्रिएटिविटी को वैश्विक पहचान दी.
जन्मदिन विशेष: बिहार के एक ऐसे मुख्यमंत्री, जिन्होंने अपने लिए कभी नहीं मांगा वोट; निधन के बाद तिजोरी खुली तो निकले सिर्फ ₹24500, पर वो भी उनके नहीं
21 अक्टूबर 1887 को बिहार के नवादा जनपद के खनवां गांव में जन्मे डॉ. श्रीकृष्ण सिंह 2 अप्रैल 1946 को बिहार के मुख्यमंत्री बने थे और अपनी मृत्यु तक यानी लगभग 15 साल अखंड बिहार के मुख्यमंत्री रहे.
कामदेव सिंह: बेगूसराय का रॉबिन हुड, जिसने कम्युनिस्टों के प्रभाव को दी थी चुनौती
बेगूसराय के 'रॉबिन हुड' कामदेव सिंह: ग्वाले से माफिया सरगना और 'द ओरिजिनल गॉडफादर ऑफ इंडियन पॉलिटिक्स' बने. इन्होंने कम्युनिस्टों के प्रभाव को चुनौती दी, बूथ कैप्चरिंग का पर्याय बने.
हिंदुत्व का गणराज्य: हिंदुत्व की जटिलताओं को समझने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है बद्री नारायण की यह पुस्तक
प्रो. बद्रीनारायण की पुस्तक हिंदुत्व को एक विचारधारा, आंदोलन और राजनीतिक रणनीति के रूप में प्रस्तुत करती है, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर अपनी जगह बना रहा है. यह हिंदुत्व की जटिलताओं को समझने का महत्वपूर्ण प्रयास है.
एक IPS जिसे सौंपी गई थी पूर्व प्रधानमंत्री को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी
1961 बैच के आईपीएस अधिकारी निर्मल कुमार सिंह (एन.के. सिंह) का 7 अक्टूबर को निधन हो गया. इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी से लेकर भ्रष्टाचार के खिलाफ, एन.के. सिंह ने हमेशा सत्य का साथ निभाया.
कैलाशपति मिश्र: बिहार भाजपा के भीष्म पितामह, जो कभी नरेंद्र मोदी के नैतिक संबल बने थे
बिहार चुनाव : व्यक्ति विशेष — कैलाशपति मिश्र का नाम आपने भी सुना होगा.. वे बिहार भाजपा के शिल्पकार माने जाते हैं. उन्होंने संगठन को संघर्ष के दौर में सींचा और नरेंद्र मोदी को संकट के समय नैतिक संबल प्रदान किया.





