विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
7 दिसंबर 1856 : जब एक हिंदू विधवा का पहला कानूनी पुनर्विवाह हुआ
कोलकाता के सुकेश लेन की गली नंबर 12 उस दिन पूरे शहर का केंद्र बन गई थी. हर सड़क मानो उसी घर की ओर जा रही थी, जहां प्रेसीडेंसी कॉलेज के प्रोफेसर राजकृष्ण बंद्योपाध्याय का घर था.
अभय कुमार सिंह: पटना का लड़का जो रूस में पुतिन का सहयोगी बन गया
पटना की गलियों में बड़े हुए अभय कुमार सिंह ने शायद कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह रूस के कुर्स्क क्षेत्रीय विधानसभा में बैठेंगे. कोरस्क में उन्होंने फार्मास्यूटिकल से लेकर रियल एस्टेट तक कारोबार खड़ा किया और बाद में यूनाइटेड रूस पार्टी से राजनीति में आए.
महर्षि अरविंद घोष : क्रांति से योग तक का अमर सफर
आज जब हम 5 दिसंबर की तारीख देखते हैं, मन अपने आप उस महान ऋषि की ओर उठता है जिन्होंने भारत की स्वाधीनता-साधना को भी उतनी ही गहराई से जिया जितनी गहराई से उन्होंने मानव-चेतना के अन्तर्जगत को खोजा.
स्वराज कौशल: सबसे कम उम्र के राज्यपाल और मिजोरम शांति के नायक
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और वरिष्ठ वकील स्वराज कौशल का 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया. मिजोरम के सबसे युवा राज्यपाल और मिजोरम शांति समझौते में उनकी अहम भूमिका के लिए उन्हें याद किया जाएगा.
राजकमल ने मनाया हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष, नौ स्त्री कथाकारों के उपन्यास एकसाथ हुए प्रकाशित
राजकमल प्रकाशन समूह ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष: भेंट, पाठ, चर्चा’ का आयोजन किया. कार्यक्रम में नौ समकालीन स्त्री उपन्यासकारों की कृतियों का चयनित अंशों के माध्यम से पाठ और परिचय प्रस्तुत किया गया.
19 वर्ष की आयु में पूर्ण किया शुक्ल यजुर्वेद का दुर्लभ ‘दण्डकर्म पारायणम्’
भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की प्राचीन परम्पराएं आज भी पूर्ण रूप से जीवंत हैं. वाराणसी (काशी) के बाल-वेदमूर्ति देवव्रत महेश रेखे ने इसे सिद्ध कर दिखाया है.
डॉ. सुनीति सोलोमन : जब डर को गले लगाकर उन्होंने लाखों जिंदगियां बचाई
उस दौर में जब HIV का नाम सुनते ही लोग मुंह फेर लेते थे, जब संक्रमित व्यक्ति को समाज, परिवार और यहां तक कि अस्पताल भी ठुकरा देते थे, तब एक महिला बिना हिचक उनके पास जाती थी.
राजकमल मना रहा ‘हिन्दी उपन्यास का स्त्री वर्ष’, नौ लेखिकाओं के नए उपन्यासों का 3 दिसम्बर को एकसाथ होगा लोकार्पण
राजकमल प्रकाशन समूह हिन्दी उपन्यास का स्त्री-वर्ष मना रहा है. 3 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय राजधानी के इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में हिन्दी की नौ प्रमुख स्त्री-कथाकारों के उपन्यास एकसाथ लोकार्पित किए जाएंगे.
Book Review Why the Poor Don’t Kill Us: The Psychology of Indians- भारतीय समाज की असहज करने वाले सच्चाई को उजागर करती किताब
Book Review Why the Poor Don't Kill Us: The Psychology of Indians मनु जोसेफ की पुस्तक 'व्हाय द पूअर डोन्ट किल अस: द साइकोलॉजी ऑफ इंडियंस,' भारतीय समाज की एक ऐसी सच्चाई को उजागर करती है जो असहज करने वाली है.
Delhi Pollution: सिर्फ फेफड़ों पर नहीं, हड्डियों पर भी असर डाल रहा है प्रदूषण
सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, पटपड़गंज में पिछले 15 वर्षों से प्रधान सलाहकार (Principal Consultant) के तौर पर सेवाएं दे रहे डॉक्टर दीपक अरोड़ा बता रहे हैं कि प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों को नहीं, बल्कि हड्डियों और जोड़ों को भी गहराई से नुकसान पहुंचा रहा है.





