विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
देवव्रत से भीष्म तक: त्याग, संकल्प और वीरता की कालजयी गाथा
‘देवव्रत- कालजयी योद्धा की वीरगाथा’ केवल महाभारत के एक महान पात्र की कथा नहीं, बल्कि त्याग, वचनबद्धता और चरित्र की ऐसी गूढ़ व्याख्या है, जो पाठक के अंतःकरण को छू जाती है. प्रभात सिन्हा द्वारा रचित यह कृति भीष्म पितामह को दैवी नहीं, बल्कि संवेदनशील मनुष्य के रूप में प्रस्तुत करती है.
न विज्ञापन, न कोई फीस; फिर भी इंटरनेट का ‘बादशाह’ बना विकिपीडिया, पूरे किए 25 साल
इंटरनेट की दुनिया के सबसे बड़े ज्ञानकोश 'विकिपीडिया' ने अपनी सफलता के 25 साल पूरे कर लिए हैं. 15 जनवरी 2001 को शुरू हुआ यह सफर आज 300 से अधिक भाषाओं और 6.6 करोड़ से ज्यादा लेखों तक पहुंच चुका है.
महाश्वेता देवी: एक शताब्दी की संघर्षपूर्ण सशक्त आवाज, जिनकी कृतियां धरोहर से कम नहीं
महाश्वेता देवी केवल लेखिका नहीं थीं, वे प्रतिरोध की आवाज थीं. आदिवासियों, दलितों और स्त्रियों के संघर्ष को साहित्य का केंद्र बनाकर उन्होंने लेखन को आंदोलन बनाया.
इलाहाबाद पैसेंजर: 90 के दशक के छात्र-जीवन का जीवंत दस्तावेज
यह उपन्यास उन संकरी गलियों और 75 पैसे वाली चाय की खुशबू की वापसी है, जहाँ भविष्य गढ़ा जाता था. 'इलाहाबाद पैसेंजर' महज़ एक कहानी नहीं, बल्कि 1990 के दशक के इलाहाबाद विश्वविद्यालय के उस दौर की जीवंत धड़कन है.
सरस्वती राजमणि: भारत की पहली महिला जासूस
महज 16 साल की उम्र में ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ खुफिया युद्ध लड़ने वाली सरस्वती राजमणि भारत की पहली महिला जासूस थीं. झांसी की रानी रेजिमेंट से लेकर INA की मिलिट्री इंटेलिजेंस तक, उनका साहस और बलिदान स्वतंत्रता संग्राम की एक अनसुनी लेकिन निर्णायक कहानी है.
तुर्कमान गेट: आपातकाल की एक काली स्याही से लिखी गई त्रासदी
दिल्ली के तुर्कमान गेट पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने आपातकाल के दौर की उस भयावह घटना की याद ताज़ा कर दी, जब 18 अप्रैल 1976 को तोड़फोड़ और पुलिस फायरिंग में दर्जनों लोगों की जान गई थी.
‘विदेशी हाथ’ की छाया: इंदिरा गांधी से मादुरो तक का ऐतिहासिक पैटर्न
1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारत की निर्णायक जीत के बाद इंदिरा गांधी की लोकप्रियता चरम पर थी. लेकिन 1973 में चिली में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए समाजवादी राष्ट्रपति सल्वाडोर अलेंदे की हत्या और जनरल ऑगस्टो पिनोशे के सैन्य तख्तापलट ने इंदिरा के मन में गहरा डर पैदा कर दिया.
भारतीय पर्यावरण आंदोलन के महान संरक्षक थे माधव गाडगिल
प्रख्यात पर्यावरणविद् और इकोलॉजिस्ट माधव गाडगिल के निधन से भारतीय पर्यावरण आंदोलन को क्षति हुई है.
पोंगल के बाद तमिलनाडु में मचेगा सियासी कोहराम, भाजपा-AIADMK गठबंधन में ‘सीट शेयरिंग’ पर फंसा पेंच
तमिलनाडु में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गठबंधनों की जटिल स्थिति बनी हुई है. भाजपा और एआईएडीएमके का एनडीए गठबंधन मजबूत होने का प्रयास कर रहा है, जबकि द्रमुक अपने सहयोगियों के साथ सीटों और सत्ता के लिए दबाव झेल रही है.
सोमनाथ: अमरता की ज्योति – 1000 वर्षों की पुनरुत्थान गाथा
वर्ष 2026 सोमनाथ मंदिर के लिए ऐतिहासिक वर्ष साबित होगा, क्योंकि इस पवित्र तीर्थ पर महमूद गजनी के प्रथम आक्रमण को 1,000 वर्ष पूरे हो रहे हैं.







