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Aligarh: नसीरुद्दीन शाह की बेटी को 53 साल बाद मिला जन्म प्रमाण पत्र, यूपी के जिस अस्पताल में पैदा हुईं वो हो गया था बंद

Naseeruddin shah daughter heeba shah : नसरुद्दीन शाह की बेटी हिबा नसीरुद्दीन शाह को पासपोर्ट में लगाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी थी और इसी के बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए हिबा ने अलीगढ़ में आवेदन करवाया था.

नसीरुद्दीन शाह (फोटो-सोशल मीडिया)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Aligarh News: एक्‍टर नसीरुद्दीन शाह से जुड़ी अलीगढ़ से एक बड़ी खबर है. नसीरुद्दीन शाह की बेटी के पास जन्म प्रमाण पत्र नहीं था, इसके लिए वे पिछले कई महीनों से कोशिश कर रहे थे. अब अलीगढ़ नगर निगम ने उनकी बेटी को जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया है. संवाददाता ने बताया कि यह सीएमओ और मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट लगने के बाद सम्भव हुआ. फिलहाल नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के बाद उसे आवेदक को सौंप दिया है.

पासपोर्ट के लिए हिबा शाह को चाहिए था जन्म प्रमाण पत्र

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, नसरुद्दीन शाह की बेटी हिबा शाह को पासपोर्ट में लगाने के लिए जन्म प्रमाण पत्र की जरूरत पड़ी थी और इसी के बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए हिबा ने अपने एक रिश्तेदार की मदद ली थी और जुलाई 2023 में अलीगढ़ नगर निगम में आवेदन किया था. हालांकि, वो आवेदन गलत जोन में चला गया था. इसके बाद आवेदक को फिर से आवेदन करना पड़ा. तब अलीगढ़ नगर निगम ने जन्म प्रमाण पत्र जारी करने से पहले सभी दस्तावेजों का रिश्तेदार से सत्यापन कराया था. तीन महीने के बाद नगर निगम ने सीएमओ और मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट लगने के बाद जन्म प्रमाण पत्र जारी किया और इसी के बाद जन्म प्रमाण पत्र को उसी को सौंप दिया गया है, जिस रिश्तेदार ने आवेदन किया था.

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1970 में अलीगढ़ के अस्पताल में जन्मी थीं हिबा शाह

नसरुद्दीन के करीबियों का कहना है कि हिबा शाह का जन्म 1970 में अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में जन्म हुआ था. तब नसीरुद्दीन शाह अपनी पहली पत्नी के साथ अलीगढ़ में ही रहते थे. बड़ी बात यह है कि जिस अस्पताल में हिबा ने 53 साल पहले जन्म लिया था वह अब बंद हो गया है. बताया जाता है कि वो अस्पताल अलीगढ़ के सेंटर पॉइंट में स्थित था. इसको लेकर अगस्त माह में सत्यापन के लिए सीएमओ ऑफिस में पत्रावली भेजी गई थी और फिर यहां से भी नियमानुसार जन्म प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया गया था. फिर प्रक्रिया पूरी करने के लिए सितंबर के महीने में एसडीएम कोल के पास दस्तावेज भेजे गये थे, जिसके बाद एसडीएम कोल ने सभी रिपोर्ट का अवलोकन किया और फिर जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दे दिए.

-भारत एक्सप्रेस



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