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अमित शाह का UGC पर बयान: बोले-सबको करना होगा स्वीकार, जानें वायरल वीडियो का सच

UGC के नए नियमों को लेकर चल रहे विरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. दावा किया जा रहा है कि यह बयान यूजीसी एक्ट को लेकर दिया गया है. लेकिन सच कुछ और ही है.

UGC controversy Amit Shah viral video

देश के कई हिस्सों में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए समता विनियमन यानी इक्विटी रेगुलेशन को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. छात्र, शिक्षक और कुछ सामाजिक संगठन इन नियमों पर सवाल उठा रहे हैं. इसी माहौल के बीच सोशल मीडिया पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया है. वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि अमित शाह ने यूजीसी एक्ट को लेकर कहा है, ‘यह संसद का कानून है, सबको स्वीकार करना पड़ेगा.’ लेकिन क्या ये वाकई सच है? आइए जानते है.

क्या है वायरल दावा?

28 जनवरी को एक इंस्टाग्राम हैंडल से अमित शाह का एक वीडियो पोस्ट किया गया. कैप्शन में लिखा गया कि यूजीसी को लेकर गृह मंत्री ने साफ कह दिया है कि यह संसद का कानून है और सबको मानना ही होगा. वीडियो में अमित शाह यह कहते नजर आते हैं कि संसद का बनाया कानून हर किसी पर लागू होता है और उसे स्वीकार करना पड़ेगा.

Amit Shah viral video UGC controversy

यही वीडियो अब यूजीसी नियमों के विरोध से जोड़कर सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.

पड़ताल में क्या सामने आया?

जांच के दौरान सबसे पहले हमारी टीम ने वायरल वीडियो को ध्यान से देखा और फिर उससे जुड़े कीवर्ड के जरिए गूगल ओपन सर्च किया. जांच में पता चला कि यह वीडियो हाल का नहीं है. अमित शाह का यह बयान अप्रैल 2025 का है, जब वह लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान अपनी बात रख रहे थे.

यह वीडियो खुद अमित शाह के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 3 अप्रैल 2025 को अपलोड किया गया था. उस पोस्ट में साफ तौर पर लिखा था कि यह बयान वक्फ से जुड़े कानून पर संसद में हो रही चर्चा के दौरान दिया गया है.

पुराने वीडियो की पुष्टि

सर्च के दौरान यही वीडियो केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के फेसबुक पेज पर भी मिला. 2 अप्रैल 2025 को शेयर किए गए इस वीडियो में साफ तौर पर हैशटैग #WaqfAmendmentBill का इस्तेमाल किया गया था.

इस जांच में यह साफ हो गया है कि अमित शाह के पुराने बयान को जानबूझकर यूजीसी विवाद से जोड़कर सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है. वक्फ संशोधन बिल पर संसद में दिए गए बयान को गलत संदर्भ में पेश कर लोगों को भ्रमित किया जा रहा है.

ऐसे मामलों में जरूरी है कि किसी भी वायरल वीडियो या दावे को शेयर करने से पहले उसकी तारीख, संदर्भ और स्रोत जरूर जांचा जाए, ताकि गलत जानकारी आगे न फैले.

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-भारत एक्सप्रेस



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