CJI BR Gavai Ranthambore Visit: भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) भूषण रामकृष्ण गवई के नेतृत्व में सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अपनी पत्नियों के साथ राजस्थान के प्रसिद्ध रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के लिए रवाना हो चुके हैं. यह तीन दिवसीय निजी यात्रा शुक्रवार से शुरू होकर रविवार तक चलेगी.
सूत्रों के अनुसार, जजों की इस यात्रा का श्रेय CJI गवई को जाता है, जो मई 2025 में देश के 52वें मुख्य न्यायाधीश बने. यह पहली बार है जब सुप्रीम कोर्ट के सभी जज एक साथ ऐसी यात्रा पर जा रहे हैं. हालांकि निजी बताया जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इस दौरान न्यायिक मुद्दों पर अनौपचारिक चर्चा भी हो सकती है.
सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारी
रणथंभौर शहर और उद्यान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. राजस्थान हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस के.आर. श्रीराम जजों का स्वागत करेंगे. राजस्थान सरकार और हाईकोर्ट प्रशासन पहले से ही होटल, परिवहन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था में जुटे हैं.
यह यात्रा जजों के लिए तनावमुक्ति का अवसर प्रदान करेगी, जहां वे वन्यजीवों का अवलोकन कर सकेंगे. एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय न्यायपालिका अक्सर ऐसे सामूहिक दौरे आयोजित करती है ताकि जजों के बीच सामंजस्य बढ़े और न्यायिक स्वतंत्रता बनी रहे.
स्वयं के खर्चे पर CJI की यात्रा
यह यात्रा जनवरी 2025 में तत्कालीन CJI संजीव खन्ना द्वारा आयोजित विशाखापत्तनम दौरे की याद दिलाती है. उस समय CJI खन्ना और 24 जजों ने दो दिवसीय बैठक की थी, जो स्वयं के खर्चे पर की गई थी. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में बताया गया कि यह पहली बार था जब पूर्ण कोर्ट मीटिंग दिल्ली से बाहर हुई. इसी तरह, CJI गवई का यह दौरा न्यायपालिका की एकजुटता को दर्शाता है. गवई, जो बौद्ध समुदाय से पहले CJI हैं, ने हाल ही में नेपाल यात्रा के दौरान न्यायिक सहयोग पर जोर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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