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गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों को दिए निर्देश, हर किसान के पास हों कम से कम दो पशु

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के प्रत्येक किसान के पास कम से कम दो पशु सुनिश्चित किए जाएं, ताकि किसानों की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत हो सके.

गांधीनगर में शनिवार को एक अहम प्रशासनिक बैठक हुई, जिसमें जिले के विकास से जुड़े कई बड़े फैसलों और निर्देशों पर चर्चा की गई. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की. बैठक जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (DISHA) के तहत आयोजित की गई थी, जिसमें राज्य के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे.

बैठक का सबसे बड़ा फोकस ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय बढ़ाने पर रहा. अमित शाह ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि जिले के हर किसान के पास कम से कम दो पशु जरूर होने चाहिए. उनका कहना था कि पशुधन ग्रामीण आय का मजबूत आधार बन सकता है, इसलिए इसके लिए तुरंत सर्वे किया जाए और जिन किसानों के पास पशु नहीं हैं, उन्हें यह सुविधा उपलब्ध कराई जाए.

उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को किसी भी हालत में पशुधन से वंचित नहीं रहना चाहिए और इसके लिए एक व्यवस्थित योजना बनाकर काम को आगे बढ़ाया जाए.

पानी और सूखे से निपटने की तैयारी

बैठक में बारिश की अनिश्चितता और संभावित सूखे को लेकर भी चर्चा हुई. अमित शाह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगर बारिश कम होती है या बीच में रुकावट आती है, तो उससे निपटने के लिए पहले से एक आपातकालीन कार्ययोजना तैयार होनी चाहिए. साथ ही, जिन इलाकों में खेती सिर्फ बारिश पर निर्भर है, उनका पूरा सर्वे कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया.

शिक्षा पर खास जोर, बेटियों के लिए नई पहल

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी बैठक में खास ध्यान दिया गया. खासकर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने की समस्या को कम करने के लिए तीन से चार गांवों का एक क्लस्टर बनाकर नए स्कूल खोलने का सुझाव दिया गया. इससे लड़कियों की पढ़ाई बीच में न छूटे और उन्हें घर के पास ही बेहतर शिक्षा मिल सके.

इसके अलावा, हाल ही में बने पुस्तकालयों का सही उपयोग सुनिश्चित करने और छात्रों को जिला स्तरीय मुख्य पुस्तकालय से जोड़ने पर भी जोर दिया गया.

बुनियादी सुविधाओं की पूरी पड़ताल

गांवों में अब तक जहां गैस कनेक्शन, शौचालय, पीने का पानी, सिंचाई या बिजली जैसी मूल सुविधाएं नहीं पहुंची हैं, वहां तत्काल सर्वे करने के निर्देश दिए गए. सरकार चाहती है कि किसी भी गांव या परिवार को बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े.

स्वास्थ्य और सड़क योजनाओं पर भी निर्देश

70 साल से अधिक उम्र के सभी बुजुर्गों को बिना देरी के आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड देने को भी प्राथमिकता में रखा गया. साथ ही मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव की परिभाषा को और व्यापक बनाने पर भी चर्चा हुई, ताकि छोटे और जुड़े हुए इलाके भी सड़क सुविधा से वंचित न रहें.

बैठक में गांधीनगर के सांसद हसमुख पटेल, कई विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौर और विभिन्न स्थानीय निकायों के प्रतिनिधि समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. पूरे कार्यक्रम में विकास कार्यों को तेजी से लागू करने और जमीनी स्तर पर सुधार लाने पर जोर दिया गया.

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-भारत एक्सप्रेस



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