मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम: देश के लिए क्या था उनका योगदान?
विपक्षी दलों के गठबंधन में I से इंडिया, N से नेशनल, D से डेमोक्रेटिक, I से इनक्लूसिव और A से अलायंस होगा
NDA Vs Opposition Meeting: लोकसभा चुनाव-2024 में विपक्षी एकता के नारे के साथ बेंगलुरु में 17 जुलाई को शुरू हुई विपक्षी दलों की बैठक का आज आखिरी दिन था. बेंगलुरु के होटल ताज वेस्ट एंड में विपक्षी दलों की बैठक में 26 दलों के नेता मौजूद रहे. इसी दौरान विपक्षी दलों के गठबंधन का नाम INDIA तय किया गया. इसका फुल फॉर्म- इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल एनक्यूजिव एलाइंस है. इसका ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विपक्षी दलों की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया.
बैठक के दौरान सबसे बड़े विपक्षी दल कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम यहां 26 पार्टियां एकजुट हो रही हैं. हमारी 11 राज्यों में सरकार में है. बीजेपी को अकेले 303 सीटें नहीं मिलीं. उसने अपने सहयोगियों के वोटों का इस्तेमाल किया और सत्ता में आई, उसके बाद फिर उन्हें त्याग दिया. मगर हम ऐसा नहीं करेंगे, हमारा इरादा हमारे संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरेपक्षता और सामाजिक न्याय की रक्षा करना है.
विपक्षी दलों की बैठक के दौरान बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी कुछ सुझाव दिए. उन्होंने कहा कि विपक्ष की अगली बैठक मुंबई में होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि बीजेपी के खिलाफ विपक्षी पार्टियों का जो महा-गठबंधन तैयार हो रहा है, उसके नाम में ‘भारत’ शब्द होना चाहिए. नीतीश ने बड़ी बात ये भी कही कि विपक्ष एक साथ मिलकर लोकसभा चुनाव लड़ने पर 350 सीटें जीत सकता है. उन्होंने कहा- “पहले हम साथ मिलकर चुनाव लड़ें और जीतें. आखिर में प्रधानमंत्री का नाम तय करें.”
वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC नेता ममता बनर्जी ने भी विपक्षी पार्टियों के गठबंधन का नाम सुझाया. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ममता ने सुझाव दिया है कि विपक्षी गठबंधन का नाम इंडिया कर दिया जाए. ममता बनर्जी ने कहा के ये एक अच्छी, सार्थक बैठक है. उन्होंने कहा- मैं चाहती हूं कि हमारे बीच रचनात्मक निर्णय लिए जाएं. आज जो चर्चा हुई उसके बाद का नतीजा इस देश के लोगों के लिए सही हो सकता है.
I – Indian
N- National
D- Democractic
I – Inclusive
A – Alliance
इसके अलावा अखिलेश यादव ने PDA (पिछला दलित गठबंधन) का सुझाव दिया, हालांकि, उसे खारिज कर दिया गया. एक छोटे दल ने सेव इंडिया अलायंस या सेक्युलर इंडिया अलायंस का सुझाव भी दिया था, उसे भी नहीं अपनाया गया.
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गौरतलब हो कि अब तक कांग्रेस की अगुवाई वाले सियासी दलों के गठबंधन को UPA कहा जाता रहा है. हालांकि सत्तारूढ़ बीजेपी की अगुवाई वाले NDA की तुलना में जनाधार कम होने पर कांग्रेस जैसे दल अब नई रणनीति के तहत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं. बहरहाल, बेंगलुरु में चल रही विपक्षी दलों की बैठक खत्म हो गई है. और, अब प्रेस कॉन्फ्रेंस चल रही है.
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