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CM हेल्पलाइन पर शिकायत किया था किसान, CEO ने बाथरूम में बंदकर बेल्ट से जमकर पीटा; घंटों बनाया बंधक

MP News: मध्यप्रदेश के गुना जिला में एक किसान को सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत करना महंगा पड़ गया. जानकारी के मुताबिक, चाचौड़ा गांव में पंचायत सचिव ने किसान को बेरहमी से पीटा.

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एमपी न्यूज

Dipesh Thakur Edited by Dipesh Thakur

MP News: समाज में जब किसी किसान को अगर योजना से संबंधित जानकारी लेनी होती हो तो वह संबंधित अधिकारी के पास जाता ​है. लेकिन, जब उस कार्य से संबंधित ही अधिकारी शिकायतकर्ता के साथ गलत करने लग जाएं तो जनता किसके पास जाएगी. कुछ ऐसा ही मामला मध्य प्रदेश के चाचौड़ा जनपद के पंचायत गुना मे एक शिकायतकर्ता के साथ ​हुआ. मामला मध्य प्रदेश के गुना का है. एक शिकायतकर्ता को CM Helpline में शिकायत करना मं​​हगा पड़ गया.​ किसान की शिकायत करना जनपद पंचायत के पुलिस अधिकारी सीईओ गगन बाजपेयी को रास नहीं आई. CEO ने किसान का कॉलर पकड़कर मारा-पीटा. जब इतने से मन नहीं भरा तो सीईओ, किसान का कॉलर पकड़कर घसीटते हुए बाथरूम के अंदर ले गए और बेल्ट से मारा-पीटा. उसके बाद उसे बाथरूम मे बंधक बनाकर रखा गया. किसान का मोबाइल भी जब्त कर लिया गया.

जनपद पंचायत सीईओ गगन बाजपेयी का साथ कर्मचारियों ने भी दिया. किसान के साथ मारपीट की गई जिसके चलते भगवत मीना को हाथ और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं. इस मामले में अन्य अधिकारियों ने भी कुछ भी बोलने से इनकार कर रह हैं. इस मामले को लेकर जांच का आदेश दिया गया है.

शिकायतकर्ता का बयान

किसान ‘भगवत मीना’ ने बताया कि 28 फरवरी को दोपहर 12.30 बजे वह जनपद पंचायत चाचौड़ा ऑफिस गया था. कार्यालय में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल से शिकायत के बारे में जानकारी ली. शिकायतकर्ता ने CM Helpline में शिकायत की कि 3.50 लाख रुपये की लागत से कपिलधारा योजना के अंतर्गत कुआं निर्माण किया जाना था. जिसकी राशि उसे स्वीकृत की गई थी, लेकि​न ये राशि केवल ​कागजों तक ही सीमित रह गयी और कुंआ अब तक बना नहीं. शिकायतकर्ता ने आगे कहा कि प्रधान और सचिव मिलकर राशि का गबन कर गए.

विवादों में रहा है सचिव

चाचौड़ा जनपत के सीईओ गगन बाजपेयी इससे पहले भी विवादित में रहा है. इसने शिवपुरी जिले के पोहरी में रहते हुए संबल योजना मे बड़ा घोटाला किया था. इतना ही नहीं, गगन बाजपेयी मध्यप्रदेश भवन एवं सनिर्माण कर्मकार मंडल भोपाल के द्वारा पंजीकृत किसानों को दी जाने वाली अनुग्रह सहायता राशि में भी घोटाला किया था. सीईओ ने जिंदा लोगों को मरा बताकर पैसा गबन कर लिया था. घटना के बाद सीईओ की पोस्टिंग गुना (मध्यप्रदेश) में की गई थी.



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