Sonam Wangchuk: सुप्रीम कोर्ट में सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के संबंध में दायर याचिका के संबंध में सुनवाई के दौरान केंद्र ने उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताया. केंद्र सरकार ने कहा कि वो लद्दाख को बांग्लादेश और नेपाल बनाना चाहते थे. इस जहर को हम फैलने नहीं दे सकते हैं. सोनम वांगचुक को लद्दाख हिंसा मामले में गिरफ्तार किया गया है. इस समय वो जोधपुर जेल में बंद हैं.
SC में इस याचिका की जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस प्रसन्ना वी वराले की बेंच सुनवाई कर रही थी. वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता केंद्र की तरफ से पक्ष रख रहे थे.
तुषार मेहता ने कहा कि वांगचुक के भाषणों में यह दिखता है कि ये राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हैं. जिले के डीएम ने उनकी गिरफ्तारी का फैसला लिया है.
मेहता आगे कहते हैं कि इन्होंने अपने भाषणों में नेपाल और बांग्लादेश जैसे उदाहरण देते हैं, जो युवाओं को भड़काना और देश की एकता को तोड़ने के बराबर है. सोनम वांगचुक पर एनएसए लगाने के लिए ये आधार पर्याप्त हैं.
क्या है मामला?
10 सितंबर 2025 को लेह में लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और 6वीं अनुसूचि के तहत संवैधानिक सुरक्षा की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए. इस दौरान सोनम वांगचुक भूख हड़ताल औऱ अनशन पर बैठे थे. 23 सितंबर को अनशन पर बैठे दो लोगों की तबीयत बिगड़ गई. जिसके बाद लेह में बंद की अपील की गई. 24 सितंबर को बंद के दौरान हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए.
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प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाबलों की गाड़ियों को फूंक दिया और बीजेपी कार्यालय को भी आग के हवाले कर दिया. इसपर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों ने आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया. इस प्रदर्शन में 10 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए. सुरक्षा को देखते हुए लेह में कर्फ्यू लगा दिया गया.
जांच के दौरान पुलिस ने सोनम वांगचुक को इस हिंसा के लिए जिम्मेदार पाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
-भारत एक्सप्रेस
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