Today Weather: अप्रैल का महीना अभी आधा ही बीता है, लेकिन सूरज के तेवर देखकर ऐसा लग रहा है जैसे जून की तपिश ने समय से पहले ही दस्तक दे दी हो. आज 15 अप्रैल है और देश के एक बड़े हिस्से में गर्मी ने अपना ‘रौद्र रूप’ दिखाना शुरू कर दिया है. उत्तर भारत के मैदानों से लेकर राजस्थान के रेतीले धोरों तक, हर तरफ पारा 40 डिग्री के पार जाने को बेताब है. कहीं आसमान से आग बरस रही है, तो कहीं पहाड़ों पर कुदरत का अलग ही रंग देखने को मिल रहा है.
दिल्ली-NCR: अब नहीं मिलेगी सुहावनी रातों की राहत
राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में पिछले कुछ दिनों से जो हल्की ठंडक का अहसास बचा था, वह अब पूरी तरह खत्म होने वाला है. मौसम विभाग (IMD) की मानें तो आज दिल्ली का अधिकतम तापमान 36 से 40 डिग्री के बीच रह सकता है. हालांकि, आज आसमान में थोड़े बादल दिख सकते हैं, लेकिन वे बारिश नहीं बल्कि उमस लेकर आएंगे. आने वाले चार-पांच दिनों में पारा 40 डिग्री को पार कर जाएगा. राहत की बात बस इतनी है कि फिलहाल दिल्ली में लू (Heatwave) का औपचारिक अलर्ट नहीं है, लेकिन दोपहर की धूप इतनी तीखी है कि चेहरे पर चुभन महसूस होने लगी है.
राजस्थान: ‘आग का गोला’ बने बाड़मेर और कोटा
राजस्थान में तो हालात और भी ज्यादा खराब हैं. बाड़मेर 41.6 डिग्री के साथ राज्य की सबसे गर्म भट्टी बना हुआ है, वहीं कोटा और जैसलमेर भी 41 डिग्री के पार जा चुके हैं. पश्चिमी राजस्थान में दिन के समय चलने वाली गर्म हवाएं अब झुलसाने लगी हैं. मौसम विभाग ने बाड़मेर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे इलाकों के लिए 17-18 अप्रैल को लू का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है. रेगिस्तान की यह तपिश अब जनजीवन को प्रभावित करने लगी है, जिससे बिजली और पानी की मांग भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
यूपी-बिहार: पछुआ हवाओं का ‘जानलेवा’ वार
उत्तर प्रदेश और बिहार में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ना शुरू कर दिया है. लखनऊ, वाराणसी और कानपुर जैसे शहरों में पारा 40 डिग्री के पार निकल गया है. बिहार के पटना में भी सूरज की तपिश असहनीय होती जा रही है. मौसम विभाग ने पटना समेत कई जिलों में 18 अप्रैल से लू चलने की चेतावनी जारी की है. हालांकि, कटिहार और आसपास के कुछ पूर्वी जिलों में 17-18 अप्रैल को हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद है, जो शायद उमस बढ़ाकर लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दे.
मध्य प्रदेश: 16 अप्रैल से बढ़ेगी और तपिश
मध्य प्रदेश में भी राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है. ग्वालियर और छतरपुर जैसे इलाके भीषण तपिश की चपेट में हैं. विभाग का कहना है कि 16 अप्रैल से प्रदेश के कई हिस्सों में हीटवेव का असर तेज होगा. हालांकि 15 अप्रैल से एक नया वेदर सिस्टम सक्रिय हो रहा है, लेकिन वह इतना कमजोर है कि मैदानी इलाकों को लू से बचा नहीं पाएगा.
पहाड़ों और पूर्वोत्तर में ‘कुदरत का दूसरा चेहरा’
एक तरफ जहां आधा भारत तप रहा है, वहीं दूसरी तरफ हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण बारिश और बर्फबारी की उम्मीद जताई गई है. हिमाचल के केलांग में न्यूनतम तापमान अभी भी शून्य के करीब (0.4 डिग्री) बना हुआ है. शिमला और अन्य हिल स्टेशनों पर 17 से 20 अप्रैल के बीच गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट है, जो वहां के मौसम को ठंडा बनाए रखेगा.
महाराष्ट्र और गुजरात
पश्चिम भारत के लिए एक अच्छी खबर है. महाराष्ट्र और गुजरात में 19 अप्रैल के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आने की संभावना है. मुंबई में हालांकि उमस 65% से ज्यादा बनी हुई है, जिससे चिपचिपाहट वाली गर्मी परेशान कर रही है, लेकिन लू का खतरा फिलहाल यहां टल गया है.
बचाव के लिए क्या करें?
बढ़ती गर्मी को देखते हुए डॉक्टरों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें. अगर निकलना जरूरी हो, तो छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें. शरीर में पानी की कमी न होने दें—नींबू पानी, छाछ और ओआरएस का घोल लेते रहें.
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-भारत एक्सप्रेस
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