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बजट सत्र से पहले कांग्रेस की रणनीति तय: सरकार को घेरने के लिए मुद्दों की लंबी सूची

बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने संसद में सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तय कर ली है. सोनिया गांधी के आवास पर हुई अहम बैठक में मनरेगा, जातिगत जनगणना, विदेश नीति, गिरता रुपया, पर्यावरण, जम्मू-कश्मीर का राज्य दर्जा और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने का फैसला लिया गया है.

बजट सत्र से पहले कांग्रेस ने संसद में सरकार को घेरने की पूरी रणनीति तैयार कर ली है. CPP चेयरपर्सन सोनिया गांधी के आवास पर हुई कांग्रेस पार्लियामेंट्री स्ट्रेटजी ग्रुप की अहम बैठक में यह तय किया गया कि सत्र के दौरान किन-किन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी मौजूद रहे.

बैठक के बाद कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने जानकारी दी कि बजट सत्र के पहले चरण में सरकार से जवाब मांगने के लिए कई गंभीर और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाया जाएगा. इनमें सबसे प्रमुख मुद्दा मनरेगा का है. कांग्रेस का आरोप है कि मनरेगा के तहत फंडिंग और रोजगार दोनों को कमजोर किया गया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ा है.

इसके अलावा कांग्रेस ने एसआईआर (Special Intensive Revision) से जुड़े मुद्दे को भी संसद में उठाने का फैसला किया है. पार्टी का मानना है कि इससे मतदाता सूची और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर असर पड़ सकता है. पर्यावरण और अरावली क्षेत्र से जुड़े मामलों को लेकर भी कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा करेगी, खासकर पर्यावरणीय मंजूरियों और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर.

अमेरिका–रूस दबाव का मुद्दा उठाएगी कांग्रेस

आर्थिक मोर्चे पर कांग्रेस ने टैरिफ और विदेश नीति को अहम मुद्दा बनाने की रणनीति बनाई है. नासिर हुसैन ने आरोप लगाया कि भारत की विदेश नीति ठप हो रही है. उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा भारत को टैरिफ और रूस से तेल खरीद को लेकर दबाव में लिया जा रहा है, जो देश की वैश्विक स्थिति पर सवाल खड़े करता है. साथ ही, लगातार गिरते रुपये को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा जाएगा, क्योंकि इसका सीधा असर उद्योग, आयात और आम नागरिक की महंगाई पर पड़ रहा है.

कांग्रेस ने जातिगत जनगणना को लेकर भी सरकार की मंशा स्पष्ट करने की मांग करने का निर्णय लिया है. पार्टी का कहना है कि जातिगत जनगणना से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं की सही तस्वीर सामने आएगी और कई नीतिगत समस्याओं का समाधान संभव होगा. कांग्रेस नेताओं का तर्क है कि “हम कास्ट सेंसस की बात कर रहे हैं, उसमें सब शामिल हो जाएगा.”

तीनों मोर्चों पर सरकार को घेरेगी कांग्रेस

शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी कांग्रेस सरकार को घेरने की तैयारी में है. यूजीसी से जुड़े हालिया फैसलों का एनएसयूआई ने स्वागत किया है, लेकिन साथ ही यह मांग भी रखी गई है कि संबंधित समिति में रिटायर्ड या सिटिंग जज को शामिल किया जाए, ताकि प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे.

बैठक में जम्मू-कश्मीर के राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाने पर सहमति बनी. कांग्रेस का कहना है कि यह लोकतांत्रिक अधिकार और संवैधानिक प्रतिबद्धता का सवाल है. इसके अलावा इंदौर और अहमदाबाद में हाल ही में हुई मौतों के मामलों को भी संसद में उठाया जाएगा, ताकि जवाबदेही तय हो सके.

कांग्रेस सांसद नासिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि ये सभी मुद्दे बजट सत्र के पहले चरण में उठाए जाएंगे. दूसरे चरण के लिए कांग्रेस संसदीय रणनीति समूह की एक और बैठक होगी, जिसमें आगे की रणनीति और विषय तय किए जाएंगे.

कुल मिलाकर, बजट सत्र से पहले कांग्रेस आक्रामक मूड में नजर आ रही है. पार्टी का लक्ष्य है कि संसद के मंच से सरकार को आर्थिक, सामाजिक, पर्यावरणीय और विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर घेरते हुए जनहित के सवालों को केंद्र में रखा जाए. अब देखना होगा कि बजट सत्र के दौरान सरकार इन सवालों का किस तरह जवाब देती है और संसद की बहस किस दिशा में आगे बढ़ती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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