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CJI BR Gavai Stetment: राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा विधेयक को मंजूरी देने की समय सीमा के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान  सीजेआई बीआर गवई ने कहा कि सक्रियता, आतंकवाद नहीं बनना चाहिए. आइये जानें उन्होंने और क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद और चाइल्ड कस्टडी मामले में कहा कि शादी में कोई भी पति या पत्नी पूरी तरह स्वतंत्र नहीं हो सकता हैं. कोर्ट ने बच्चों के हित में माता-पिता से मतभेद सुलझाने का आग्रह किया हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों को लेकर दायर नई याचिका पर जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि यह मुद्दा तीन जजों की बेंच के विचाराधीन है. वहीं, दिल्ली सरकार ने तर्क दिया कि आवारा कुत्तों से आम जनता खासकर बच्चों की सुरक्षा प्रभावित हो रही है.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 41 साल पहले हत्या के दोषी करार देकर उम्रकैद की सजा पाये आरोपी को बरी कर दिया है. यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह तथा न्यायमूर्ति मदन पाल सिंह की खंडपीठ ने विजई उर्फ बब्बन की आपराधिक अपील को स्वीकार करते हुए दिया है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने नेशनल मेडिकल कमीशन द्वारा जारी नए नियमों को चुनौती देने वाली याचिका पर केंद्र सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और तुषार राव गेडेला की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.

राष्ट्रपति और राज्यपालों द्वारा विधेयकों पर फैसला लेने की समय सीमा तय करने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में 21 अगस्त को सुनवाई जारी रहेगी. संविधान पीठ की अध्यक्षता सीजेआई बी. आर. गवई कर रहे हैं.

1984 सिख विरोधी दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और अन्य की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 सितंबर को सुनवाई करेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने द्वारका में पेड़ों की छंटाई के लिए पीडब्ल्यूडी और दिल्ली नगर निगम को संयुक्त सर्वेक्षण कर चार सप्ताह में आवश्यक पेड़ों की छंटाई करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि मानसून में पेड़ गिरने से होने वाली जान-माल की हानि को रोकने के लिए यह कदम जरूरी है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शैक्षणिक डिग्री को लेकर चल रहे विवाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने फैसला टाल दिया है. जस्टिस की छुट्टी के चलते अब इस मामले पर अगली सुनवाई होगी.

अपराध में लिप्त मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री की कुर्सी खतरे में. 30 दिन हिरासत या 5 साल की सजा पर होगा पद से हटाने का प्रावधान.