Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाले के आरोपी संजय बडाया को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान जल जीवन मिशन घोटाले के आरोपी संजय बडाया को जमानत दी है, यह कहते हुए कि दस्तावेजी सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है.

Sanjay Badaya gets bail, Rajasthan Jal Jeevan Mission scam,

प्रतीकात्मक चित्र

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

राजस्थान के जल जीवन मिशन घोटाले मामले में गिरफ्तार संजय बडाया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. जस्टिस बीआर गवई की अध्यक्षता वाली बेंच ने संजय बडाया को जमानत दे दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि ईडी द्वारा जब्त किए गए सभी दस्तावेजी सबूतों से छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है. कोर्ट ने कहा कि अभी आरोप तय नहीं हुए हैं, 50 गवाहों से पूछताछ होनी है और सबूत 8000 पेज के हैं और त्वरित सुनवाई दूर की कौड़ी है. हम आवेदन की अनुमति देते है.

ईडी की ओर से पेश जोहेब हुसैन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि संजय बडाया के पिता के खाते में 1.05 करोड़ रुपए आए. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में शामिल अन्य आरोपी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जबकि बडाया विधेय आरोपी नहीं है. संजय बडाया पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी के करीबी माने जाते है. ईडी के अनुसार संजय बडाया निजी ठेकेदारों और बिचौलियों के साथ सक्रिय रूप से संपर्क में था और पीएचईडी के अधिकारियों की ओर से रिश्वत ले रहा था. वह अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच सेतु की भूमिका निभा रहा था.

जांच में सामने आया है कि संजय बडाया पूर्व पीएचईडी मंत्री महेश जोशी का दाहिना हाथ था और पीएचईडी कार्यालय और इसकी फाइलों में उसका दखल रहता था. संजय बडाया की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान उनके वकील ने कहा कि उसे प्रकरण में एक अन्य व्यक्ति को दिए गए बयानों के आधार पर आरोपी नहीं बनाया जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि महेश मित्तल की ओर से दी गई राशि के संबंध में भी अभियोजन के पास कोई ठोस आधार नहीं है. इसलिए आरोपी को जमानत दी जाए.

बता दें कि जल जीवन मिशन के 900 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले की जांच एसीबी, ईडी और सीबीआई भी कर रही है. इस मामले में ईडी ने 2023 सितंबर में जयपुर और अलवर में नौ जगहों पर छापे मारे थे. इस दौरान 2.50 लाख नकद, एक किलो सोने की ईट और करोड़ो की प्रॉपर्टी के कागजात और कुछ अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम से लेन देन से संबंधित दस्तावेज मिले थे. ईडी ने महेश मित्तल, प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बडाया, कल्याण सिंह कविया, विशाल सक्सेना, माया लाल सैनी, पद्म चंद जैन, तहसीलदार सुरेश शर्मा और अमिताभ कौशिक के यहां सर्च अभियान चलाया था.


ये भी पढ़ें- मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट 7 जनवरी को करेगा सुनवाई


-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital