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Amazon और Flipkart के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को SC ने कर्नाटक HC में ट्रांसफर करने का दिया आदेश

सीसीआई ने अमेजन और फ्लिपकार्ट पर एंटी-कंपीटिटिव प्रैक्टिस का आरोप लगाया है. सीसीआई ने अपनी याचिका में अलग-अलग राज्यों में दर्ज मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर की मांग की गई थी.

Prashant Rai Edited by Prashant Rai

ई-कॉमर्स की दिग्गज कंपनी अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट में ट्रांसफर करने का आदेश दिया है. जस्टिस अभय एस ओका और जस्टिस मनमोहन की पीठ पर भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) की ओर से दायर याचिका पर यह आदेश दिया है. सीसीआई की ओर से दायर याचिका पर कोर्ट ने यह फैसला दिया है.

सीसीआई ने अपनी याचिका में अलग-अलग राज्यों में दर्ज मुकदमों को सुप्रीम कोर्ट या दिल्ली हाई कोर्ट में ट्रांसफर की मांग की गई थी. याचिका में सीसीआई ने इलाहाबाद, दिल्ली, पंजाब व हरियाणा हाई कोर्ट, कर्नाटक हाई कोर्ट, मद्रास हाईकोर्ट और तेलंगाना हाई कोर्ट में लंबित मामलों को ट्रांसफर करने की मांग की थी.

एंटी-कंपीटिटिव प्रैक्टिस का आरोप

सीसीआई ने अमेजन और फ्लिपकार्ट पर एंटी-कंपीटिटिव प्रैक्टिस का आरोप लगाया है. सीसीआई ने कोर्ट से सैमसंग, वीवो, अमेजन और फ्लिपकार्ट के खिलाफ वेंडर्स की 23 शिकायतों पर सुनवाई करने का अनुरोध किया, ताकि मामले पर जल्द से जल्द फैसला हो सके.

सीसीआई ने 2020 की जनवरी में इन दोनों ई-कॉमर्स कम्पनियों और अन्य एफिलिएट पार्टी के खिलाफ एंटी कंपीटिटिव प्रैक्टिस की जांच शुरू की थी. सीसीआई का कहना है कि ई-कॉमर्स कंपनियां चुनिंदा सेलर्स को प्राथमिकी देती है, जो इन प्लेटफॉर्म्स से क्लोजली संपर्क में रहते है. दिल्ली व्यापार महासंघ की अगुवाई में छोटे व्यापारियों की एक लॉबी ने सीसीआई में ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी.


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जून 2021 में कर्नाटक हाई कोर्ट के सिंगल जज ने जांच को चुनौती देने वाली अमेजन और फ्लिपकार्ट की ओर से दायर रिट को खारिज कर दिया था. सिंगल बेंच के फैसले को डिवीजन बेंच ने बरकरार रखा था. 13 दिसंबर को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी सुनवाई के दौरान कहा था कि वो सीसीआई को विशेष उपचार देने के मूड में नहीं है और साथ ही ये भी कहा वी अपने समक्ष या दिल्ली हाई कोर्ट के समक्ष मामलों को ट्रांसफर नहीं करेगी.

-भारत एक्सप्रेस



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