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सुप्रीम कोर्ट ने कहा सरोगेसी कानून का पिछली तारीख से लागू होना असंवैधानिक

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरोगेसी कानून 2021 द्वारा सरोगेसी के माध्यम से माता-पिता बनने का विकल्प चुनने वाले दंपत्तियों की आयु सीमा पर लगाए गए प्रतिबंध, उन दंपत्तियों पर लागू नहीं होता है.

Edited by Vaibhav Gupta

सरोगेसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सरोगेसी कानून का पिछली तारीख से लागू होना असंवैधानिक हैं. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस के वी विश्वनाथन की बेंच ने कहा जनवरी 2022 से पहले सरोगेसी की प्रक्रिया शुरू करने वाले दंपत्तियों पर सरोगेसी की आयु सीमा लागू नहीं होती.

माता-पिता की स्वायत्तता का सम्मान

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि सरोगेसी कानून 2021 द्वारा सरोगेसी के माध्यम से माता-पिता बनने का विकल्प चुनने वाले दंपत्तियों की आयु सीमा पर लगाए गए प्रतिबंध, उन दंपत्तियों पर लागू नहीं होता है.

अदालत ने कहा कि जिन दंपत्तियों ने इस कानून के लागू होने से पहले अपने अंडाणु या भ्रूण फ्रिज किए थे, उन पर अधिनियम में तय की गई उम्र सीमा लागू नहीं होगी. जब दंपति ने भ्रूण फ्रीज किए थे, तब ऐसा कोई वैधानिक प्रतिबंध नहीं था. इसलिए बाद में बनाए गए कानून को उनके अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए पिछली तारीख से लागू नही किया जा सकता है. ऐसे मामलों में माता-पिता की स्वायत्तता का सम्मान किया जाना चाहिए.

उम्र सीमा बच्चे के कल्याण से जुड़ी

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश वकील की दलील थी कि उम्र सीमा बच्चे के कल्याण से जुड़ी है, उचित नहीं है, क्योंकि प्राकृतिक रूप से बच्चे पैदा करने वाले दंपत्तियों पर कोई उम्र सीमा नहीं है. इसलिए जिन दंपत्तियों ने सरोगेसी की प्रक्रिया कानून से पहले शुरू की थी, उन्हें केवल उम्र के आधार पर वंचित नही किया जा सकता.

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया गया यदि किसी अन्य इच्छुक दंपति का मामला भी इसी प्रकार का है, तो वे हाई कोर्ट का रुख कर सकते है और इस फैसले का लाभ ले सकते हैं. बता दें कि तीन दंपत्तियों ने सरोगेसी कानून में निदिष्ट ऊपरी आयु सीमा यानी महिलाओं के लिए 50 साल और पुरुषों के लिए 55 साल पार कर ली थी, लेकिन जिन्होंने 2021 के कानून के लागू होने से पहले सरोगेसी की प्रक्रिया शुरू कर दी थी.

ये भी पढ़ें: कफ सिरप पीने से बच्चों की हुई मौत मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 अक्टूबर को करेगा सुनवाई

-भारत एक्सप्रेस



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