Bharat Express DD Free Dish

पश्चिम बंगाल में 23 बीएलओ की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की, राज्य चुनाव आयोग से मांगा जवाब

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुड्डुचेरी में चल रहे एसआईआर (Special Summary Revision) मामलों की सुनवाई के दौरान बीएलओ (BLO) की मौत पर गंभीर चिंता जताई. पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत को बताया कि अब तक 23 बीएलओ की मृत्यु हो चुकी है.

Supreme Court: सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सचिवों को सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहाई का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और पुड्डुचेरी एसआईआर मामले में सुनवाई के दौरान बीएलओ की मौत पर चिंता जताई है. पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि अभी तक 23 बीएलओ की मौत हो चुकी है. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने चिंता जाहिर करते हुए राज्य चुनाव आयोग से एक दिसंबर तक जवाब मांगा है.

कोर्ट पश्चिम बंगाल एसआईआर मामले में 9 दिसंबर को सुनवाई करेगा. जबकि केरल एसआईआर मामले में चुनाव आयोग से जवाब तलब किया है. साथ ही हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. कोर्ट 2 दिसंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. जबकि तमिलनाडु, पड्डुचेरी के मामले में 9 दिसंबर को सुनवाई करेगा.

चुनाव आयोग ने मांगी राज्यों से रिपोर्ट

मामले की सुनवाई के दौरान एडीआर की ओर से पेश वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया बहुत जल्दबाजी में की जा रही है और ऐसी खबरें भी आ रही है. वही चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि मद्रास हाईकोर्ट में यह याचिका पहले ही दायर की जा चुकी है. राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि उन्हें कोई समस्या नही आ रही हैं. उन्होंने कहा कि 99 प्रतिशत मतदाताओं को फॉर्म मिल चुके है, 50 प्रतिशत से ज्यादा डिजिटल हो चुके है. हालही में चुनाव आयोग ने बीएलओ को मौत और आत्महत्या से संबंधित सच्चाई जानने के लिए राज्यों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों से रिपोर्ट मांगी हैं. साथ ही आयोग ने बीएलओ की मौत और आत्महत्या की घटनाओं को काम के दबाव से जोड़े जाने पर हैरानी जताई है.

कोर्ट में वकीलों की सेहत पर चिंता

आयोग से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक बिहार में तो इन राज्यों से कम समय मे एसआईआर हुआ, लेकिन वहां ऐसी एक भी घटनाएं देखने को नही मिली है. वही बिहार एसआईआर को लेकर दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने कहा कि प्रदूषण के चलते उनकी तबियत ठीक नही है. उन्होंने सुनवाई छोड़कर जाने की कोर्ट से अनुमति मांगी. उन्होंने कहा कि मुझे कंजेशन की समस्या हो रही है. कोर्ट में मौजूद वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने राकेश द्विवेदी का समर्थन किया.

उन्होंने कहा कि इस उम्र में हम इस प्रदूषित हवा में सांस ले रहे हैं. एक्यूआई बहुत ज्यादा है. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि वर्चुअल पेश होने के लिए पहले बार को विश्वास में लेना होगा. उसके बाद ही इसको लेकर कोई कदम उठाया जाएगा. उन्होंने कहा कि शाम को पदाधिकारियों से मिलूंगा और कोई कदम उठाऊंगा. राकेश द्विवेदी ने कहा कि 60 साल से ऊपर के लोगों के लिए वर्चुअल की अनुमति मिलनी चाहिए.

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि कल मैं 55 मिनट तक पैदल चला, जब वापस आया, तो मुझे भी परेशानी हो रही थी. सिब्बल ने कहा कि मैंने ऐसा करना बंद कर दिया है. सिब्बल ने कोर्ट को बताया कि फिलहाल एक्यूआई 300-400 है. सीजेआई ने कहा कि किसी को भी स्वास्थ्य से समझौता नहीं करना चाहिए. पूर्व जजों में से एक को अभी स्टोक हुआ है.

ये भी पढ़ें- आंध्र प्रदेश शराब घोटाला मामले में कथित आरोपी व भारती सीमेंट्स के निदेशक बालाजी गोविंदप्पा को सरेंडर करने का दिया आदेश।

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read