Bharat Express DD Free Dish

ईडी ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा और उनसे जुड़े सात ठिकानों पर की छापेमारी

पश्चिम बंगाल के बहुचर्चित नगर पालिका भर्ती घोटाले में ईडी ने कामरहाटी से टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा के 7 ठिकानों पर छापेमारी की है. जांच एजेंसी को शक है कि मदन मित्रा का संबंध करीब 125 अवैध नियुक्तियों से है, जहां बिचौलियों के जरिए कैश और गोल्ड में रिश्वत ली गई थी.

WB Municipality Scam ED Raids TMC MLA Madan Mitra
Edited by Vaibhav Gupta

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल में कथित नगर पालिका भर्ती घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने टीएमसी विधायक मदन मित्रा और उनसे जुड़े सात ठिकानों पर छापेमारी की है. मदन मित्रा उत्तर 24 परगना जिले की कामरहाटी विधानसभा सीट से विधायक हैं और ममता बनर्जी सरकार में मंत्री रह चुके है.

वैध नियुक्तियों से जुड़ा मामला

जांच एजेंसी के मुताबिक यह रिश्वत नकदी और सोने के रूप में बिचौलियों के जरिये प्राप्त की गई है. अधिकारियों के मुताबिक कामरहाटी नगर पालिका समेत कई नगर निकायों में हुई कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़े मामले में मदन मित्रा की भूमिका की जांच की जा रही है.

एजेंसी ने दावा किया है कि मदन मित्रा का संबंध ऐसा करीब 125 कथित अवैध नियुक्तियों से जुड़ा हो सकता है. ईडी जब्त किए गए दस्तावेजों, वित्तीय लेनदेन और अन्य सबूतों की जांच कर रही है. फिलहाल छापेमारी के दौरान बरामद सामग्री और आगे की कार्रवाई को लेकर एजेंसी की ओर से विस्तृत जानकारी अभी सार्वजनिक नही की गई है.

CBI को FIR दर्ज करने का आदेश

मामले को पश्चिम बंगाल की राजनीति में 3के महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है. बता दें कि इससे पहले ईडी ने मई में छापेमारी के बाद टीएमसी नेता सुजीत बोस को गिरफ्तार किया था. वहीं, इसी मामले में रथिन दास से ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत पूछताछ की थी. ईडी ने सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर कार्रवाई शुरू की है. कोलकाता हाई कोर्ट ने सीबीआई को इस मामले में एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था.

नगरपालिकाओं में कई पदों पर भर्ती में गड़बड़िया

ईडी ने कोलकाता हाई कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर कोर्ट को बताया था कि पश्चिम बंगाल की अलग-अलग नगरपालिकाओं में कई पदों पर भर्ती में गड़बड़ियों की जांच में उसे अहम सबूत मिले है. इससे पहले जब ईडी ने प्राइमरी टीचर भर्ती घोटाले की जांच कर रही थी, उस दौरान ईडी ने अयान शील और उससे जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान ईडी को कईदस्तावेज और डिजिटल सबूत मिले थे.

इन दस्तवेजों की जांच के दौरान पता चला था कि यह मामला सिर्फ टीचर भर्ती घोटाला तक ही सीमित नही है, बल्कि कई नगरपालिकाओं में हुई भर्तियों में घोटाला हुआ है.

ये भी पढ़ें:IAS रोहिणी सिंदूरी बनाम IPS डी रूपा: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यस्थता के लिए भेजा विवाद, पूर्व जस्टिस कुरियन जोसेफ कराएंगे सुलह

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read