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ajit pawar

बैठक में भतीजे अजित ने शरद पवार के समक्ष बीजेपी को लोकसभा चुनाव 2023 में समर्थन देने के लिए दो प्रस्ताव रखे. पहला कि उन्हें कृषि मंत्री या नीति आयोग का अध्यक्ष बनाया जाएगा.

Loksabha Election 2024: महाराष्ट्र के सियासी हस्तियों के चलते राष्ट्रीय राजनीति में जरबरदस्त हलचल है. पिछले दिनों पुणे में NCP प्रमुख शरद पवार और भतीजे अजित पवार के बीच हुई सीक्रेट मीटिंग का खुलासा हुआ है.

Sharad Pawar and Ajit pawar: महाराष्‍ट्र में अपने भतीजे अजीत पवार (जो अब डिप्टी सीएम हैं) के शिवसेना-भाजपा सरकार में शामिल होने के बाद से शरद पवार सुर्खियों में हैं. कयास लगाए जा रहे हैं कि शरद भी भाजपा के साथ आ सकते हैं, लेकिन आज उन्‍होंने इस बारे में दो टूक बात की.

Maharashtra Politics: महाराष्ट्र की राजनीति में दिलचस्प मोड़ देखने को मिल रहे हैं। शिवसेना के बाद एनसीपी की बगावत और अब सरकार के भीतर ही उठापटक की खबरों ने लगातार महाराष्ट्र को खबरों में सबसे ऊपर रखा है।

अपने चाचा से बगावत करके अजित पवार 2 जुलाई को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया. उनके साथ बगावत करके आए 8 और विधायकों को भी कैबिनेट मंत्री बनाया गया था.

Ajit Pawar: महाराष्ट्र में लंबी जद्दोजेहद के बाद आखिरकार सीएम शिंदे ने एनसीपी (NCP) के नवनियुक्त मंत्रियों के विभागों के बंटवारे पर अंतिम मुहर लगा दी है.

शरद पवार ने कहा कि क्या आप जानते हैं कि मोरारजी देसाई किस उम्र में प्रधान मंत्री बने? मैं मंत्री, प्रधानमंत्री नहीं बनना चाहता. मैं बस लोगों की सेवा करना चाहता हूं.

देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे बड़े राज्यों में बीजेपी के पास अपनी सीटें बढ़ाने की गुंजाइश कम लग रही है।

Maharashtra Politics Crisis: अजित पवार और शरद पवार ने इन विधायकों को अपने पाले में लाने की कोशिश कर शुरू कर दी है, जो अभी किसी गुट में शामिल नहीं हुए हैं.

Maharashtra Politics Crisis: क्या शरद पवार अपनी पार्टी को टूटने से बचा पाएंगे? ये सवाल आज सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बना हुआ है.