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indian economy

RBI Governor Goldilocks Period: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि यह एक "दुर्लभ गोल्डीलॉक्स काल" है, जो इस समय उच्च आर्थिक विकास और असाधारण रूप से कम मुद्रास्फीति को दर्शाता है.

Jan Dhan Yojana News: भारत के जनधन खातों में इस समय लगभग 2.75 लाख करोड़ रुपये जमा हैं. इसकी जानकारी वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम नागराजू ने शनिवार को दी. उन्होंने बताया कि भारत में कुल जनधन खातों के हिसाब से औसतन 4,815 रुपये बैठता है.

Hindustan Times Leadership Summit 2025: पीएम मोदी ने हिंदुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2025 में कहा- भारत को औपनिवेशिक मानसिकता से मुक्त करना है. अगले 10 साल में नया भारत बनाएंगे.

RBI ने 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है. आगामी समय में महंगाई भी कम रहने की उम्मीद है. अर्थव्यवस्था मजबूत होने के संकेत मिले हैं.

भारतीय वित्तीय बाजारों के लिए बुधवार का दिन बेहद अहम रहा. रुपये ने पहली बार डॉलर के मुकाबले 90 का स्तर पार कर लिया, जो अब तक का सबसे निचला रिकॉर्ड है. ये स्तर बाजार के लिए मनोवैज्ञानिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

Fitch Raised India GDP Forecast: फिच रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है. उसने जीडीपी वृद्धि दर को 6.9 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.4 प्रतिशत कर दिया है. फिच ने इसका कारण जीएसटी सुधारों और मजबूत उपभोक्ता खर्च को बताया है.

देश की आर्थिक स्थिति मापने के तरीके में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. सरकार 2022-23 को आधार वर्ष बनाकर नई GDP सीरीज तैयार कर रही है. इसमें घरों की कीमतों का नया तरीका, LLP कंपनियों का डेटा, अनरजिस्टर्ड सेक्टर की नई गणना और कई सेक्टरों के ताजा डिफ्लेटर शामिल किए जाएंगे.

यूबीएस की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा. रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का घरेलू उपभोग (Domestic Consumption) पिछले एक दशक में दोगुना बढ़कर 2024 में 2.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँच गया है.

PM modi mumbai visit: पीएम मोदी 29 अक्टूबर को मुंबई में इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 में ग्लोबल मैरीटाइम सीईओ फोरम की अध्यक्षता करेंगे. फोकस 'मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047' पर.

देश की राजधानी दिल्ली में शराब पीने वालों की संख्या काफी बड़ी है, और जैसे-जैसे त्योहारों आते है, इसकी खपत में तेजी से इजाफा देखने को मिलता है. दिवाली जैसे बड़े त्योहार के दौरान शराब की बिक्री न केवल दुकानदारों के लिए बल्कि सरकार के लिए भी कमाई का बड़ा जरिया बन जाती है.