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Supreme Court

दायर याचिका में मद्रास हाईकोर्ट में लंबित मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की मांग की गई थी. तीनों नए कानूनों के खिलाफ डीएमके के हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है. जिसमें कानूनों को असंवैधानिक और अधिकारहीन घोषित करने की मांग की गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार द्वारा कश्मीर पर लिखी गई 25 किताबों पर बैन के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई से इंकार कर दिया और याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने को कहा हैं. केंद्र सरकार ने इन किताबों पर आरोप लगाया है कि वे अलगाववाद को बढ़ावा देती हैं और भारतीय सेना को बदनाम करती हैं.

Bihar Voter List Case; बिहार SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर को सुनवाई करेगा. आरजेडी ने मतदाता पंजीकरण के दावे-आपत्तियों की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है. चुनाव आयोग ने 65 लाख नामों की संशोधित सूची वेबसाइट पर प्रकाशित की है.

सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों ने शपथ ली. जस्टिस आलोक अराधे और जस्टिस विपुल पंचोली के शामिल होने से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 34 हो गई है. राष्ट्रपति ने कॉलेजियम की सिफारिश पर दोनों की नियुक्ति की.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आदेश के पालन में देरी जानबूझकर नहीं की गई हो तो उसे अवमानना नहीं माना जाएगा. पंजाब नेशनल बैंक पेंशन मामले में कोर्ट ने विलंब को वैध कारण मानते हुए अवमानना याचिका खारिज किया.

सुप्रीम कोर्ट में राष्ट्रपति और राज्यपालों के लिए विधेयक को मंजूरी देने की समय सीमा और उनके अधिकारों पर बहस जारी है. केंद्र सरकार और वरिष्ठ वकीलों ने संविधान के अनुच्छेद 200, 201, 32, 163 और 361 के दायरे पर बहस किया.

गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई है. 2007 में शिवसेना पार्षद की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे गवली को अदालत ने 17 साल जेल में रहने और उनकी उम्र को देखते हुए राहत दी है.

नीट-पीजी 2025 को लेकर विवाद और गहरा गया है. डॉक्टर उपेंद्र यादव व अन्य की ओर से सुप्रीम कोर्ट में नई याचिका दाखिल की गई है. याचिका में उत्तर कुंजी की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए NBEMS की अधिसूचना को चुनौती दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस को बड़ा झटका देते हुए आदेश दिया कि आरोपी को जेल में रखने के लिए बार-बार नई एफआईआर दर्ज नहीं की जा सकती. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी नई प्राथमिकी में गिरफ्तारी के लिए सुप्रीम कोर्ट की अनुमति जरूरी होगी.

दिल्ली हाईकोर्ट 10 दिसंबर को उस याचिका पर सुनवाई करेगा जिसमें दिल्ली में पंचायत राज अधिनियम 1954 को लागू करने की मांग की गई है. कोर्ट ने सभी पक्षों को दिल्ली के विधायी इतिहास पर नोट जमा करने का निर्देश दिया है.