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Supreme Court

Legal News: सुप्रीम कोर्ट में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को देश के सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.

भारत के राष्ट्रपति ने सुप्रीम कोर्ट में दो नए जजों की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है. राष्ट्रपति ने बॉम्बे हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस विपुल एम. पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज नियुक्त किया है.

जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड के बाद न्यायपालिका पर एक और बड़ा आरोप लगा है. सूत्रों के मुताबिक एनसीएलएटी के सदस्य जस्टिस शरद कुमार शर्मा ने चौकाने वाला दावा किया है.

उपराष्ट्रपति चुनाव को लेकर कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और कार्यकर्ताओं के राजनीतिक बयानों का विरोध करते हुए पूर्व न्यायाधीशों ने ओपन लेटर जारी किया हैं.

राष्ट्रपति द्वारा विधेयकों पर मंजूरी की समय-सीमा तय करने से जुड़े 14 सवालों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अगर राष्ट्रपति और राज्यपाल अनिश्चितकाल तक बैठे रहें तो क्या अदालत शक्तिहीन हो जाएगी?

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने सोमवार को हुई बैठक में बॉम्बे हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश विपुल मनुभाई पंचोली को सुप्रीम कोर्ट का जज बनाए जाने की सिफारिश की है.

भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में गिरफ्तार दलित अधिकार कार्यकर्ता और अधिवक्ता सुरेंद्र गाडलिंग की जमानत अर्जी पर जस्टिस एम. एम. सुंदरेश ने खुद को सुनवाई से अलग कर लिया है. इससे पहले उनके वकील आनंद ग्रोवर ने सीजेआई गवई से जल्द सुनवाई की मांग की थी.

साल 2002 के बहुचर्चित नीतीश कटारा हत्याकांड मामले में दोषी विकास यादव को सुप्रीम कोर्ट से मिली राहत को कोर्ट ने बरकरार रखा है. कोर्ट ने विकास यादव को मिली अंतरिम जमानत की अवधि को एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने हिमालय में पर्यावरणीय स्थितियों के बिगड़ने से जुड़े मामले में एमिकस क्यूरी ने नियुक्त किया है. जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ चार सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट हिमाचल प्रदेश में परिस्थितिकी और पर्यावरणीय स्थितियों पर स्वतः संज्ञान मामले में सुनवाई कर रही है.

सुप्रीम कोर्ट ने कोल्हापुर के मंदिर की हथिनी महादेवी को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर फैसला नहीं लिया जा सकता हैं. अदालत ने सच्चाई सामने लाने के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने का संकेत दिया हैं.