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गोपाल कृष्ण




भारत एक्सप्रेस


भारत के मुख्य न्यायाधीश सीजेआई सूर्यकांत ने लंदन में आयोजित इंडो-यूके कमर्शियल डिस्प्यूट्स सम्मेलन में कहा कि विवाद समाधान के वैकल्पिक माध्यम के रूप में शुरू की गई मध्यस्थता (आर्बिट्रेशन) अब उन कमियों का शिकार होती जा रही है, जिनसे बचने के लिए इसकी स्थापना की गई थी.

PFI Case: पटियाला हाउस कोर्ट ने PFI और उसके 20 सदस्यों पर UAPA के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है. कोर्ट के अनुसार, यह संगठन 'विजन 2047' के तहत भारत में शरिया कानून स्थापित करने की बड़ी साजिश रच रहा था.

केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में जांच शक्तियों को लेकर बड़ा फैसला देते हुए स्पष्ट किया है कि ईडी को कार्रवाई शुरू करने या संपत्ति कुर्क करने के लिए किसी अनुसूचित अपराध में पहले से एफआईआर दर्ज होने का इंतजार करना जरूरी नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को फिलहाल राहत देने से इनकार कर दिया है और उनकी याचिका पर सुनवाई को टाल दिया है. यह मामला आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह से जुड़े मानहानि केस से संबंधित है.

ज्योति मल्होत्रा से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है. उन पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप हैं और वे मई 2025 से जेल में बंद हैं.

नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यू कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है.

Supreme Court Judgement: SC ने फैसले कहा कि पति-पत्नी के बीच मतभेद होना सामान्य है और सिर्फ 13 दिनों तक बातचीत न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता. जस्टिस जेके माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस चंदूरकर की पीठ ने मद्रास HC के फैसले को पलटते हुए आरोपी को बरी किया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगे की आरोपी देवांगना कलिता की याचिका खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट में आरोप तय करने पर लगी रोक को हटा लिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने दिल्ली पुलिस की दलीलों के बाद अपना पुराना आदेश वापस लिया.

दिल्ली हाई कोर्ट ने जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 6 जून के विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया है. यह आंदोलन सीजेआई की एक टिप्पणी के बाद शुरू हुआ है.

सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसले में कहा है कि सरकार चपरासी जैसे कम योग्यता वाले पदों को कम पढ़े-लिखे लोगों के लिए आरक्षित रख सकती है. ग्रेजुएशन की डिग्री छिपाकर चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पाने वाले कर्मी की बर्खास्ती को कोर्ट ने सही माना है.