विशाल तिवारी, संपादकीय सलाहकार
भारत एक्सप्रेस
सिर्फ मां-बेटी का रिश्ता नहीं, एक औरत की आत्म-पहचान की जंग है अरुंधति रॉय की ये नई किताब
अरुंधति रॉय की ‘मेरी माँ मेरी गैंगस्टर’ एक ऐसी आत्मीय यात्रा है, जिसमें लेखिका अपने जीवन के सबसे जटिल और गहरे रिश्तों में से एक अपनी मां मैरी रॉय के साथ संबंध को नए नजरिए से देखती हैं.
‘खेल-खेल में बीता जीवन’: एक ‘अनचाहा बच्चा’, जो बन गया भारतीय संस्कृति का महानायक; जानें गिरिश कर्नाड की अनसुनी कहानी
दिग्गज साहित्यकार और अभिनेता गिरीश कर्नाड की आत्मकथा This Life at Play जीवन के अप्रत्याशित सच को उजागर करती है. आर्थिक तंगी के कारण उनके माता-पिता उनका गर्भपात कराना चाहते थे, लेकिन डॉक्टर न मिलने की एक छोटी सी घटना ने उनका जीवन बचा लिया.
1857 से 51 साल पहले भड़की थी आजादी की पहली चिंगारी, जानें वेल्लोर विद्रोह की पूरी कहानी
10 जुलाई 1806 को वेल्लोर किले में भारतीय सिपाहियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पहला बड़ा सैन्य विद्रोह छेड़ा था. धार्मिक हस्तक्षेप और अपमानजनक ड्रेस कोड के विरोध में हुआ यह विद्रोह 1857 की क्रांति का अग्रदूत माना जाता है.
पेड़ के नीचे बैठते थे दलाल, आज सेकंडों में मैच होते हैं करोड़ों के आर्डर; जानिए BSE का अनोखा सफर
Origins of the Stock Market: भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत 1875 में मुंबई में एक वट वृक्ष के नीचे हुई थी. प्रख्यात व्यवसायी प्रेमचंद रायचंद द्वारा स्थापित बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) आज एशिया का सबसे पुराना और दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंजों में से एक है. मौखिक बोलियों से लेकर अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग तक का यह सफर भारतीय अर्थव्यवस्था की तरक्की की एक अद्भुत कहानी बयां करता है
ज्योति बसु जयंती: वो कद्दावर नेता जो बनते-बनते रह गए देश के PM, जानिए क्यों अपनी ही पार्टी ने चली थी ऐसी चाल
CPI M Political History: पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु के जन्मदिन पर जानिए उनकी राजनीतिक विरासत का वो पन्ना, जब वे देश के प्रधानमंत्री बनने वाले थे. लेकिन उनकी ही पार्टी ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया, जिसे बाद में ज्योति बसु ने खुद 'ऐतिहासिक भूल' करार दिया था.
जब काशी विश्वनाथ मंदिर से चोरी हुआ था ‘स्वर्ण अर्घा’… जानें कैसे एक घटना ने बदल दिया था पूरा कानून
अयोध्या के राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटनाओं के बीच मंदिर प्रबंधन और सरकारी निगरानी को लेकर बहस तेज हो गई है.
जब सेशेल्स के राष्ट्रपति को नहीं था अपनी ही सेना पर भरोसा, फिर भारत ने ऐसे बचाई थी सरकार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेशेल्स यात्रा ने भारत और इस हिंद महासागर देश के पुराने रिश्तों को फिर चर्चा में ला दिया है. करीब चार दशक पहले भी भारत ने सेशेल्स की सुरक्षा चिंताओं को दूर करने में अहम भूमिका निभाई थी.
देश का वो ‘पहला प्रधानमंत्री’ जिसे इतिहास की किताबों ने भुला दिया! जानिए कौन थे मौलाना बरकतुल्लाह
मौलाना बरकतुल्लाह भोपाली भारत के उन महान क्रांतिकारियों में से एक थे, जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया.
3 बार PM बनने के करीब पहुंचे, फिर भी क्यों अधूरा रह गया बाबू जगजीवन राम का सपना?
स्वतंत्रता सेनानी, हरित क्रांति के सूत्रधार और 1971 युद्ध के रक्षा मंत्री बाबू जगजीवन राम भारतीय राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में रहे. कई बार प्रधानमंत्री पद के प्रबल दावेदार बनने के बावजूद राजनीतिक समीकरण और परिस्थितियों ने उन्हें देश का सर्वोच्च पद नहीं मिलने दिया...
गरीबी और सामाजिक बेड़ियों को तोड़कर बनीं वैश्विक आइकन; तीजन बाई के निधन से देश ने खोई अपनी सांस्कृतिक धरोहर
पंडवानी लोक कला को वैश्विक पहचान दिलाने वाली छत्तीसगढ़ की महान कलाकार तीजन बाई का निधन हो गया है. पुरुषों के वर्चस्व वाली इस कला में उन्होंने 'कपालिक शैली' के जरिए रूढ़ियों को तोड़ा और अपनी बुलंद आवाज से देश-दुनिया को मंत्रमुग्ध किया.







