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Ayodhya Ram Mandir: विश्व हिंदू परिषद का दावा- कारोबारी खुद बनवाना चाहते थे अयोध्या में राम मंदिर, फिर ट्रस्ट बनने पर दिया चंदा

विश्व हिंदू परिषद की ओर से अयोध्या में राम मंदिर निर्माण कार्य को लेकर बड़ा दावा किया गया है. ​विहिप राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा- कई कारोबारी खुद ये मंदिर बनवाने को आगे आए थे.

निर्माणाधीन राम मंदिर फोटो-ट्विटर

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में भगवान श्री राम का भव्य मंदिर आकार ले रहा है और प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर तैयारी भी चल रही है. 22 जनवरी 2024 को मंदिर का उद्घाटन होने के साथ ही प्राण-प्रतिष्ठा का कार्यक्रम भी होगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी हिस्सा लेंगे. तो वहीं इसी बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है. कहा जा रहा है कि जब मंदिर निर्माण को लेकर चर्चा चल रही थी, तब देश के कई बड़े शीर्ष उद्योगपतियों ने इसे खुद ही बनवाने की बात रखी थी लेकिन इसका जिम्मा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र को सौंप दिया गया था और फिर चंदा लेकर मंदिर निर्माण कार्य शुरू किया गया.

इस सम्बंध में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि कई कारोबारी ऐसी पेशकश लेकर VHP के पास आए थे, लेकिन ऐसी सभी पेशकश को ठुकरा दिया गया था. इसी के साथ मंदिर निर्माण के लिए बड़ा अभियान चलाकर 13 करोड़ से ज्यादा परिवारों से चंदा लिया गया. हालांकि, इस दौरान कारोबारियों के नाम पूछने पर उन्होंने नाम बताने से मना कर दिया और कहा कि अयोध्या के राम मंदिर से लोगों की भावनाएं जुड़ी हुई हैं. विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने देशभभर से धन जुटाकर मंदिर का निर्माण शुरू कराया. इसी के साथ विनोद बंसल ने ये भी कहा कि, 22 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन होने जा रहा है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उपस्थित रहेंगे. इस खास मौके से पहले परिषद एक बार फिर श्रद्धालुओं तक पहुंचेगी.

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मुगलों का मकसद देश लूटना था

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने कहा कि, ‘यह सुनिश्चित करने का समय आ गया है कि आगामी राम मंदिर को किसी अन्य मंदिर की तरह न रखकर भारतीय संस्कृति के प्रतीक के रूप में खुद को दिखाए, जिसे पहले मुगलों ने और इसके बाद आजादी के बाद की सरकारों ने इसे तबाह किया.’ इसी के साथ उन्होंने मुगलों की मंशा के बारे में जिक्र किया और बताया कि, ‘मुगलों का मकसद देश के लूटना ही नहीं था, बल्कि हिंदू संस्कृति और अयोध्या, काशी और मथुरा जैसे स्थानों पर रखे प्रतीकों को तबाह करना था.’

संगठन चलाएगा अलग अभियान

विनोद बंसल ने विहिप के नए अभियान के बारे में जिक्र करते हुए जानकारी दी और बताया कि, ‘रामत्व’ के विचार को फैलाने के लिए संगठन अलग से एक अभियान चलाएगा. परिषद लोगों तक यह विचार लेकर भी पहुंचेगा कि अयोध्या में रामलला की मूर्ति के अभिषेक के समय अनुष्ठान करें. विनोद बंसल ने ये भी कहा कि, मंदिर में जिस दिन प्राण-प्रतिष्ठा है, उस दिन लोग अपने-अपने घरों या मंदिरो में दीप जलाएं और इस दिन का उत्सव मनाएं. बता दें कि ये अपील श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट द्वारा भी की गई है.

-भारत एक्सप्रेस



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