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Sammed ShikharJi: राहुल गांधी का जैन समुदाय को समर्थन, श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने का हो रहा विरोध

Shree Sammed Shikhar Ji: सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने को लेकर सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि दिल्ली और जयपुर तक प्रदर्शन हो रहा है. वहीं इसके विरोध में मंगलवार को जयपुर में अनशन पर बैठे जैन संत का निधन भी हो गया था.

JAIN SAMAJ

जैन समुदाय को राहुल गांधी का समर्थन (फोटो ट्विटर)

Shree Sammed Shikhar Ji: झारखंड में जैन तीर्थ स्थल श्री सम्मेद शिखर जी को पर्यटन स्थल बनाने को लेकर इसका विरोध तेज हो गया है. पूरे देश में इसको लेकर जैन समुदाय की तरफ से इसका विरोध किया जा रहा है. वहीं अब इस मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने जैन समुदाय को समर्थन दिया है. राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान जैन प्रतिनिधिमंडल से मिले थे. इससे पहले जैन समाज ने राहुल गांधी से निवेदन किया था कि श्री सम्मेद शिखर सिद्ध क्षेत्र को धार्मिक पवित्र स्थल घोषित कराएं.

जैन समुदाय के लोग झारखंड में स्थित पारसनाथ पहाड़ी को पर्यटन स्थल घोषित करने के राज्य सरकार के फैसले का विरोध कर रहे हैं. जैन समाज हफ्तों से इसके विरोध में सड़कों पर है और अनशन कर रहे हैं. सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल बनाने को लेकर सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि दिल्ली और जयपुर तक प्रदर्शन हो रहा है. वहीं इसके विरोध में मंगलवार को जयपुर में अनशन पर बैठे जैन संत का निधन भी हो गया था. 72 साल के सुज्ञेयसागर महाराज अनशन पर थे. पुलिस ने बताया कि महाराज ने 25 दिसंबर से कुछ खाया नहीं था और मंगलवार को उनका निधन हो गया.

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग 17 जनवरी को करेगा सुनवाई

वहीं, अब ये मामला अब इतना बढ़ गया है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी बीच में आ गया है. आयोग इस मामले पर 17 जनवरी को सुनवाई करेगा. इस सुनवाई में जैन समाज के प्रतिनिधियों के अलावा केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सचिव और झारखंड सरकार के मुख्य सचिव को भी समन जारी किया गया है.

क्यों हो रहा है विवाद ?

दरअसल, साल 2019 अगस्त में केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय ने सम्मेद शिखर और पारसनाथ पहाड़ी को इको सेंसेटिव जोन घोषित किया था. जिसके बाद इसे झारखंड सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित किया. अब सम्मेद शिखर जी तीर्थस्थल को पर्यटन के हिसाब से तब्दील किया जाना है. जिस पर जैन समाज को आपत्ति है. जैन समुदाय का कहना है कि ये पवित्र धर्मस्थल है और पर्यटकों के आने से ये पवित्र नहीं रहेगा. इसके जैन समाज ने मांग की है कि इस जगह को इको टूरिज्म घोषित नहीं करना चाहिए. बल्कि इसे पवित्र स्थल घोषित किया जाए ताकि इसकी पवित्रता बनी रहे.

– भारत एक्सप्रेस

 



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