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आपके तकिये का कवर बन सकता है आपकी बीमारी की वजह, जानिए वो कैसा होना चाहिए?

Health Issues: बहुत से लोग ऑफिस से थके हारे आके रिलैक्स और शांति के साथ आराम करना चाहते है तो उन्हें तकिया और बिस्तर के अलावा कुछ भी नहीं दिखता. इतना ही नहीं कुछ लोगों को तो अपने तकिए पर सोने की ऐसी आदत होती है कि उन्हें कहीं पर भी नई जगह पर या अलग तरह के तकिए पर नींद ही नहीं आती.

ऐसे लोग अक्सर बाहर जाते समय अपना तकिया साथ भी लेकर जाते हैं. भले तकिया आपको अधिक कंफर्टेबल महसूस कराता है लेकिन कई बार इसके कारण आपको स्वास्थ्य समस्याओं का भी सामना करना पड़ता है, जिसके बारे में आपको पता नहीं होता. तो चलिए आज हम आपको तकिए से आपकी नींद व स्वास्थ्य पर होने वाले नुकसान के बारे में बातएंगे.

तकिये का कवर आपको कर सकता है बीमार

तकिए का कवर गंदा होने के कारण बालों में गंदगी हो जाता है. बालों में शरीर के दूसरे हिस्से की तुलना में अधिक गंदगी होती है और जब कोई व्यक्ति गंदे तकिए कवर पर इस्तेमाल करता है तो यह मुहांसे और स्किन संबंधित समस्याओं का कारण बनते हैं. इस समस्या से बचने के लिए अक्सर अपने तकिए के कवर को बदलें.

गर्दन में दर्द

कई बार तकिया गर्दन में दर्द की वजह भी बनता है. खासतौर से अगर तकिया बहुत नरम है तो आपको गर्दन में दर्द की शिकायत हो सकती है. उदाहरण के लिए, यदि आप सोते समय नरम तकिए का इस्तेमाल करते हैं तो यह आपकी गर्दन के नीचे पर्याप्त सपोर्ट नहीं करता है. साथ ही इस तरह के तकिए के इस्तेमाल से गर्दन और रीढ़ की हड्डी एक लाइन में नहीं रहते, जिसके कारण गर्दन में दर्द की शिकायत हो सकती है.

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बेहतर नींद

तकिए के इस्तेमाल का एक सबसे बड़ा लाभ यही होता है कि इससे आपको एक अच्छी नींद मिलती है. जिन लोगों को तकिए पर सिर रखकर सोने की आदत होती है, अगर उन्हें तकिया ना मिले या फिर जिस तकिए का वह इस्तेमाल करते हैं, वह ना मिले तो रात में बेचेन हो जाते हैं. कई बार तो उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आती और नींद की कमी के चलते उनके मूड, भूख, सोचने के तरीके पर असर पड़ता है. इतना ही नहीं, लगातार नींद की कमी से व्यक्ति में मोटापे और हृदय रोग के लिए जोखिम बढ़ जाता है.

सही तकीया चुनें

सही तकिया चुननें के समय ये ध्यान देना जरूरी है कि ऐसा तकिया चुनें जो आपके शरीर की आकृति के अनुरूप गर्दन और रीढ़ को उचित सहारा दे. खरीदने से पहले तकिए को ठीक से चेक करें कि वह कितना ज्यादा आरामदायक है. स्वास्थ्य संबंधी परेशानी से बचने के लिए तकिये के खोल को हर 1-2 सप्ताह में धोएं और तकिए को हर 3-6 महीने में, उपयोग के आधार पर धोएं.

-भारत एक्सप्रेस 

Akansha

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