संभल के कल्कि धाम में बहेगी भक्ति की बयार, ‘फूलों की होली’ के लिए तैयार दरबार
Kalki Dham Phoolon Ki Holi: कल 19 फरवरी को संभल का ऐंचोड़ा कंबोह गांव एक अलग ही रंग में रंगा नजर आएगा. श्री कल्कि धाम 'फूलों की होली' खेली जाएगी. यह दुनिया का एकमात्र ऐसा मंदिर है जो भगवान विष्णु के उस अवतार के लिए बन रहा है.
श्री राधा-कृष्ण ने कितने वर्ष की आयु तक रचाया था रास? कहां हुआ था दोनों का पहला मिलन?
Radha Krishna Love: पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, राधा और श्रीकृष्ण का पहला मिलन बरसाना और नंदगांव के बीच स्थित पवित्र स्थल संकेत तीर्थ पर हुआ था.
Barsana Lathmar Holi: बरसाना की वो गली. जहां राधा कृष्ण खेलें होली, हुरियारे खेले लट्ठमार होली
Barsana Lathmar Holi: बरसाना की वो गली. जहां राधा कृष्ण खेलें होली, हुरियारे खेले लट्ठमार होली
बरसाना में लट्ठमार होली आज, 400 साल पुरानी परंपरा को याद दिलाने इस दिन निकलेंगे राधा-कृष्ण
Lathmar Holi Barsana: आज बरसाना में लड्ठमार होली खेली जाएगी. इसके बाद 20 मार्च को रंगभरी एकादशी मनाई जाएगी. साथ ही 400 साल पुरानी परंपरा को याद दिलाने के लिए रंगभरी एकादशी के दिन राधा-कृष्ण निकलेंगे.
Mathura News: बरसाना में लड्डू और लट्ठमार होली को लेकर जिला प्रशासन की तैयारी तेज, CCTV से रखी जाएगी हर एक पर नजर
जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह ने कहा, "बरसाना में विश्व विख्यात होली का आयोजन होता है. इस बार 17 मार्च को लड्डू होली और 18 मार्च को लट्ठमार होली होगी."
होली खेलने के लिए सज के तैयार है भगवान कृष्ण का नंदगांव, बरसाना के बाद कल फिर चलेगा लट्ठ और बरसेगा रंग
Mathura: मान्यता है कि भगवान श्री कृष्ण ने पहले बरसाना में होली खेली थी इसके अगले दिन राधा और उनकी सखियों ने नंदगांव पहुंचकर फिर से लट्ठमार होली खेली.
Barsana Holi: आज से बरसाना में शुरू हुआ रंगोत्सव, अभी से जुटने लगी है मस्तों की टोली, पहले लड्डू फिर कल होगी लट्ठमार होली
Barsana Holi: आज रंगोत्सव से शुरु हुए कार्यक्रम और कल लट्ठमार होली को देखते हुए बरसाना श्रद्धालुओं की सुविधा और उनकी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.
बरसाना और नंदगांव में इस दिन है विश्व प्रसिद्ध लट्ठमार होली, दोनों का है राधा और कृष्ण से खास रिश्ता, जानें क्या है मनाने की वजह
Barsana lathamar holi: सालों से इस दिन बरसाना की गोपियां नंदगांव के हुरियारों पर लठ्ठ बरसाती हैं. वहीं नंदगांव से हुरियारे बरसाना आकर फाग गाते हैं और गोपियों पर रंग फेंकते हैं.







