Pune Porsche Case: पुणे के चर्चित पोर्श हिट एंड रन मामले में सुप्रीम कोर्ट से आरोपियों को बड़ी राहत मिली है. लंबे समय से चर्चा में रहे इस मामले में शीर्ष अदालत ने आशीष मित्तल, आदित्य सूद समेत अन्य आरोपियों को जमानत दे दी है. कोर्ट के इस फैसले को कानूनी प्रक्रिया और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के नजरिये से अहम माना जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए साफ कहा कि इस मामले में एक नाबालिग आरोपी करीब 18 महीने से न्यायिक हिरासत में है, जबकि जिस अपराध की बात की जा रही है, उसमें अधिकतम तीन साल की सजा का प्रावधान है. कोर्ट ने टिप्पणी की कि इतनी लंबी अवधि तक किसी आरोपी को जेल में रखना, खासकर तब जब ट्रायल अभी शुरू भी नहीं हुआ हो, न्यायसंगत नहीं ठहराया जा सकता.
नाबालिग आरोपी का मामला अलग
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि इस हादसे में जिस नाबालिग की भूमिका बताई गई है, उसका केस अलग से किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) में चल रहा है. यानी कानून के तहत नाबालिग के साथ वयस्क आरोपियों की तरह व्यवहार नहीं किया जा सकता. कोर्ट ने माना कि इस आधार पर भी मामले को अलग नजरिये से देखने की जरूरत है.
ट्रायल में लगेगा लंबा वक्त
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में इस बात पर भी जोर दिया कि इस केस में ट्रायल शुरू होने में अभी काफी समय लग सकता है. अदालत के मुताबिक, मामले में 100 से ज्यादा गवाह हैं, जिनके बयान दर्ज किए जाने हैं. ऐसे में सुनवाई लंबी खिंचने की पूरी संभावना है. कोर्ट ने कहा कि केवल इस आधार पर कि मामला गंभीर है, आरोपियों को अनिश्चित काल तक जेल में रखना सही नहीं होगा.
-भारत एक्सप्रेस
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