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Supreme Court

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय बेंच 28 जनवरी को ताहिर हुसैन की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगी. इससे पहले जस्टिस मिथल और जस्टिस अमानुल्लाह की बेंच में विभाजित फैसला आने के बाद मामला सीजेआई को भेजा गया था.

प्रेमोदय खाखा पर एक नाबालिग का कथित तौर पर कई बार रेप करने और उसे गर्भवती करने का आरोप है. सुनवाई के दौरान खाका की ओर से पेश वकील सुभाशीष सोरेन ने दलील दी कि आरोपी अगस्त 2023 से जेल में है और मामले में आरोप पहले ही तय हो चुके है. वहीं दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि आरोपी गंभीर है. लिहाजा जमानत याचिका खारिज किया जाए.

रेणुकास्वामी हत्या मामले में कर्नाटक सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने अभिनेता दर्शन, पवित्र गौड़ा और अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया. आरोप है कि दर्शन ने अपनी महिला मित्र पवित्रा गौड़ा को परेशान करने पर रेणुकास्वामी की हत्या करवाने की साजिश रची थी.

सुप्रीम कोर्ट ने स्वामी श्रद्धानंद की दया याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए स्थगित कर केंद्र सरकार को निर्देश लेने का समय दिया. 84 वर्षीय श्रद्धानंद 30 साल से जेल में हैं और उन्होंने राष्ट्रपति से अपनी दया याचिका की समीक्षा में तेजी लाने की मांग की है.

उत्तर प्रदेश के संभल में बिना नोटिस दिए बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट एक सप्ताह बाद सुनवाई करेगा. याचिकाकर्ता ने इसे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व आदेशों का उल्लंघन बताते हुए कहा कि संपत्ति को ध्वस्त करना मौलिक अधिकारों का हनन है.

कांग्रेस नेता करण सिंह दलाल ने ईवीएम के चार प्रमुख घटकों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया है कि चुनाव आयोग ने ईवीएम जांच के लिए कोई उचित तंत्र नहीं बनाया.

सुप्रीम कोर्ट ने टीडीएस प्रणाली को असंवैधानिक घोषित करने की मांग वाली याचिका खारिज कर याचिकाकर्ता को दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह दी. याचिका में टीडीएस प्रणाली को मनमानी और अनुच्छेद 14, 19 और 21 का उल्लंघन बताते हुए इसे संशोधित करने की मांग की गई थी.

सुप्रीम कोर्ट ने फर्जी एसएलपी मामले में सीबीआई जांच का आदेश देते हुए आठ वकीलों और दो अन्य पर आपराधिक साजिश, जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप लगाए. सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन की याचिका पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि बार का अधिकार क्षेत्र इस मामले में सीमित है.

अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय द्वारा टीडीएस प्रणाली को मनमानी और असंवैधानिक बताते हुए चुनौती दी गई है. याचिका में टीडीएस प्रणाली की समीक्षा और इसमें सुधार के लिए विधि आयोग और नीति आयोग को निर्देश देने की मांग की गई है.

इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को असंवैधानिक करार देने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ एक पुनर्विचार याचिका दायर की गई है.